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‘वित्तपोषित कॉलेजों के कामकाज में दिल्ली सरकार का निरंतर हस्तक्षेप’

Mon, 15 Mar 2021 10:07 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 15 Mar 2021 10:07 PM IST
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'Delhi government's continued intervention in the functioning of funded colleges'
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में 12 कॉलेजों के फंड का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के तत्वावधान में दिल्ली सरकार के 12 पूर्ण वित्त पोषित कॉलेजों में वेतन और ग्रांट की मनमानी, अनियमित और अपर्याप्त ग्रांट तथा निरंतर आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के हस्तक्षेप के खिलाफ शिक्षकों ने वीसी ऑफिस से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक अधिकार रैली निकाली। रैली के बाद डूटा के पदाधिकारियों और प्रिंसिपल एसोसिएशन ने कुलपति और डीन ऑफ कॉलेज से मुलाकात की। डूटा ने कुलपति से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।
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डूटा अध्यक्ष राजीव रे ने कहा कि दिल्ली सरकार कॉलेजों की ऑटोनमी से छेड़छाड़ का प्रयास कर रही है। अधिकार रैली को संबोधित करते हुए नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ. एके भागी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय पार्लियामेंट एक्ट से संचालित एक स्वायत्त केंद्रीय संस्थान है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार कभी पैटर्न ऑफ असिस्टेंस के बहाने तो कभी ऑडिट या प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति या अन्य तरीकों से 12 वित्तपोषित कॉलेजों के कामकाज में निरंतर हस्तक्षेप कर रही है। महीनों तक वेतन रोक दिया जाता है। पेंशन, मेडिकल, घर की किश्तों और किराये तथा जीविका चलाने तक के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को कोरोना महामारी में बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ा। डॉ. भागी ने कहा कि स्टूडेंट फंड का इस्तेमाल वेतन देने के लिए नहीं किया जा सकता है। डूटा अध्यक्ष ने कहा कि कुलपति ने इस मामले में हस्तक्षेप करने का आश्वासन दिया है।
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