{"_id":"621e5710c517e96a9a5d210d","slug":"delhi-government-nod-to-withdraw-17-cases-in-red-fort-violence","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राहत: लाल किला हिंसा समेत 17 मामले वापस लेने की दिल्ली सरकार की मंजूरी, किसान आंदोलन के दौरान दर्ज हुए थे 54 केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत: लाल किला हिंसा समेत 17 मामले वापस लेने की दिल्ली सरकार की मंजूरी, किसान आंदोलन के दौरान दर्ज हुए थे 54 केस
Tue, 01 Mar 2022 10:55 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 01 Mar 2022 10:55 PM IST
सार
दिल्ली में 26 जनवरी, 2021 को हुई लालकिला हिंसा मामले में पुलिस ने नवंबर 2020 से दिसंबर 2021 के दौरान 54 मामले दर्ज किए।दिल्ली सरकार ने गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा से जुड़े 17 मामले वापस लेने की मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन और पिछले साल गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा से जुड़े 17 मामले वापस लेने की दिल्ली सरकार ने मंजूरी दे दी है। इनमें 16 मामले किसान आंदोलन से जुड़े हैं जबकि एक मामला लालकिला हिंसा के दौरान दर्ज हुआ था, जिसे वापस लिया गया है।
31 जनवरी को दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन के पास इस मामले से जुड़ी फाइल भेज दी गई थी। मंत्री ने इसे स्वीकृति देने के बाद 25 फरवरी को इसे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया। बाद में मुख्यमंत्री ने इसे 28 फरवरी को उप राज्यपाल कार्यालय को भेज दी, जिसे उसी दिन मंजूरी दे दी गई।
दिल्ली में 26 जनवरी, 2021 को हुई लालकिला हिंसा मामले में पुलिस ने नवंबर 2020 से दिसंबर 2021 के दौरान 54 मामले दर्ज किए। इनमें 17 मामलों की पहचान वापसी के लिए की गई थी। इनमें एक मामला करीब 200-300 प्रदर्शनकारियों और 25 ट्रैक्टरों से संबंधित है। प्रदर्शनकारियों ने लाहौरी गेट से लाल किला परिसर किया था।
विज्ञापन
इसके बाद लालकिला में टिकट काउंटर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर क्षतिग्रस्त कर दिए गए। इस दौरान ज्योति नगर पुलिस स्टेशन में लोनी सीमा की तरफ से दाखिल होने के लिए 150-175 ट्रैक्टरों में सवार होकर पुलिस कर्मियों को उनकी ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की और मारपीट की। पुलिस ने इस आरोप में मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
31 जनवरी को दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन के पास इस मामले से जुड़ी फाइल भेज दी गई थी। मंत्री ने इसे स्वीकृति देने के बाद 25 फरवरी को इसे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया। बाद में मुख्यमंत्री ने इसे 28 फरवरी को उप राज्यपाल कार्यालय को भेज दी, जिसे उसी दिन मंजूरी दे दी गई।
विज्ञापन
दिल्ली में 26 जनवरी, 2021 को हुई लालकिला हिंसा मामले में पुलिस ने नवंबर 2020 से दिसंबर 2021 के दौरान 54 मामले दर्ज किए। इनमें 17 मामलों की पहचान वापसी के लिए की गई थी। इनमें एक मामला करीब 200-300 प्रदर्शनकारियों और 25 ट्रैक्टरों से संबंधित है। प्रदर्शनकारियों ने लाहौरी गेट से लाल किला परिसर किया था।
विज्ञापन
इसके बाद लालकिला में टिकट काउंटर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर क्षतिग्रस्त कर दिए गए। इस दौरान ज्योति नगर पुलिस स्टेशन में लोनी सीमा की तरफ से दाखिल होने के लिए 150-175 ट्रैक्टरों में सवार होकर पुलिस कर्मियों को उनकी ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की और मारपीट की। पुलिस ने इस आरोप में मामला दर्ज किया था।
ट्रैक्टरों के काफिले में विरोध कर रहे किसान पिछले साल गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के अंदर प्रवेश कर गए थे। इसके बाद सड़कों और लालकिला के अंदर भी हिंसा और तोड़फोड़ ह़ुई थी। दिल्ली के सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर एक साल से अधिक समय तक चलने वाले किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल और दिशानिर्देशों के उल्लंघन के अधिकांश मामले दर्ज किए गए थे।
पंजाब, हरियाणा सहित दूसरे प्रदेशों के किसान भी 26 नवंबर 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। केंद्र सरकार की तरफ से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद दिसंबर 2021 में विरोध समाप्त हो गया।
केंद्र ने नवंबर 2020 से दिसंबर 2021 के बीच उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के तहत प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांग पर भी सहमति जताई थी। केंद्र ने 9 दिसंबर, 2021 के एक पत्र में कहा था कि किसानों के आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों के खिलाफ मामले तुरंत वापस लेने पर सहमति बनी है।इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने 11 दिसंबर, 2021 को दिल्ली की सीमाओं से घेराबंदी हटाते हुए आंदोलन वापस ले लिया।
पंजाब, हरियाणा सहित दूसरे प्रदेशों के किसान भी 26 नवंबर 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। केंद्र सरकार की तरफ से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद दिसंबर 2021 में विरोध समाप्त हो गया।
केंद्र ने नवंबर 2020 से दिसंबर 2021 के बीच उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के तहत प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांग पर भी सहमति जताई थी। केंद्र ने 9 दिसंबर, 2021 के एक पत्र में कहा था कि किसानों के आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों के खिलाफ मामले तुरंत वापस लेने पर सहमति बनी है।इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने 11 दिसंबर, 2021 को दिल्ली की सीमाओं से घेराबंदी हटाते हुए आंदोलन वापस ले लिया।