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दिल्ली सरकार प्रदूषण पर सख्त: अब निर्माण साइट पर लगानी होगी 'एंटी स्मॉग गन', मानने होंगे ये 14 नियम

Mon, 25 Sep 2023 09:23 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 25 Sep 2023 09:23 PM IST
सार

दिल्ली में धूल प्रदूषण को रोकने के लिए निर्माण एजेंसियों को 5 हजार वर्ग मीटर की निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

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Delhi government mandatory to install anti-smog guns on construction sites of 5 thousand square meters
अधिकारियों संगे बैठक में शामिल मंत्री गोपाल राय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में सर्दी के मौसम में निर्माण एजेंसियों की लापरवाही से होने वाले धूल प्रदूषण की रोकथाम को लेकर दिल्ली सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने निर्माण एजेंसियों को 14 सूत्रीय दिशा निर्देश जारी किए हैं। एजेंसी को पांच हजार वर्ग मीटर की निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार सर्दियों में होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए 15 फोकस बिंदुओं पर विंटर एक्शन प्लान तैयार कर रही है, जिसमें धूल प्रदूषण पर अंकुश लगाना भी शामिल है।  

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बैठक में सभी सरकारी और प्राइवेट निर्माण एजेंसी को प्रदूषण रोकने के लिए 14 सूत्रीय दिशा-निर्देशों को विस्तार से बताया गया और सख्ती से उसका अमल करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। इसमें धवस्तीकरण या निर्माण का कार्य होने पर उसे तिरपाल या ग्रीन नेट से ढकना अनिवार्य किया गया है। वहीं, निर्माण स्थल पर लोडिंग या अनलोडिंग में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों को डस्ट मास्क देना होगा। 

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वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करने के उपायों पर काम तेज कर दिया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को सरकारी और निजी निर्माण एजेंसियों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और धूल प्रदूषण रोकने के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए।

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बैठक में राय ने चेतावनी दी है कि मानदंडों का पालन नहीं करने वाली सरकारी और निजी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी और निजी निर्माण एजेंसी को गाइडलाइन के संदर्भ में कंस्ट्रक्शन कर्मचारियों को साइट पर ही ट्रेनिंग देना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रेनिंग सामग्री दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) द्वारा एजेंसी को उपलब्ध कराई जाएगी।

धूल प्रदूषण रोकने को लेकर सरकारी और निजी निर्माण एजेंसियों को 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश

1. निर्माण स्थल के चारों ओर उचित ऊंचाई पर टीन की दीवार खड़ी करनी होगी और निर्माण स्थल चारों तरफ से ढका होना चाहिए।
2. 5 हजार वर्गमीटर से लेकर उससे अधिक के एरिया के निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य है। 
3. धवस्तीकरण या निर्माण का कार्य होने पर उसे तिरपाल या ग्रीन नेट से ढकना अनिवार्य होगा।
4. निर्माण स्थल तक निर्माण सामग्री को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सफाई करना अनिवार्य होगा।
5. निर्माण सामग्री ले जा रहे वाहनों को पूरी तरह से ढकना होगा और इस बात का ध्यान रखना होगा कि रास्ते में वह न गिरे।
6. निर्माण सामग्री और धवस्तीकरण के अवशिष्ट को केवल आवंटित क्षेत्र के अंदर संग्रहित करना होगा और निर्माण सामग्री या अवशिष्ट का सड़क के किनारे भंडारण पर प्रतिबंध रहेगा।
7. मिट्टी या बालू को बिना ढके नहीं रखा जाएगा।
8. निर्माण कार्य में जो पत्थरों की कटिंग की जाती है, वह खुले में नहीं होगी।
9. निर्माण स्थल पर धूल से बचाव के लिए लगातार पानी का छिड़काव करना अनिवार्य है।
10. बड़े निर्माण स्थल (20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र) में निर्माण और धवस्तीकरण स्थल पर जाने के लिए सड़क पक्की हो।
11. निर्माण या धवस्तीकरण से उत्पन्न अपशिष्ट को चिन्हित साइट पर ही निस्तारण किया जाए और उनका रिकार्ड भी रखा जाए।
12. लोडिंग या अनलोडिंग में जितने कर्मचारी काम करते हैं, निर्माण कंपनी को उन्हें डस्ट मास्क देना अनिवार्य है।
13. निर्माण स्थल पर श्रमिकों की चिकित्सा की उचित व्यवस्था की जाए।
14. निर्माण स्थल पर धूल कम करने के उपायों को प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा।

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