दिल्ली: जमीन खरीद मामले में सांसद अनुराग शर्मा से पूर्व न्यायिक अधिकारी ने की 5.5 करोड़ की ठगी, गिरफ्तार
झांसी से लोकसभा सांसद अनुराग शर्मा ने वर्ष 2019 में शाखा में धोखाधड़ी और ठगी की शिकायत की थी। आरोपी की पहचान पंचशील एंक्लेव निवासी विनोद कुमार शर्मा (61) के रूप में हुई है।
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बैंक में गिरवी रखी प्रॉपर्टी को बेचकर झांसी के सांसद अनुराग शर्मा से 5.55 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी पूर्व न्यायिक अधिकारी को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रॉपर्टी बेचने के दौरान आरोपी ने प्रॉपर्टी को बैंक में गिरवी रखकर 20.22 करोड़ लोन लेने की बात छुपा ली। जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी इसी प्रॉपर्टी को लीज पर देकर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) से किराया भी वसूल रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर जांच में जुटी है।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंचशील एंक्लेव निवासी विनोद कुमार शर्मा (61) के रूप में हुई है। झांसी से लोकसभा सांसद अनुराग शर्मा ने वर्ष 2019 में शाखा में धोखाधड़ी और ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने विनोद कुमार शर्मा से बिजवासन स्थित उनकी प्रॉपर्टी खरीदी थी। लेकिन बाद में पता चला कि आरोपी ने ठगी करने के उद्देश्य से प्रॉपर्टी को बेचने के दौरान उनसे यह बात छुपा ली कि उसने प्रॉपर्टी को केनरा बैंक में गिरवी रखकर 20.22 करोड़ रुपये का लोन ले रखा है।
आरोपी के गलत बयानी और प्रलोभन देने पर फरवरी 2017 में उन्होंने संपत्ति खरीद ली। बाद में यह भी पता चला कि आरोपी ने प्रॉपर्टी को डीएमआरसी को अनुबंध पर दे रखा है और उससे आठ-नौ लाख किराया भी ले रहा है। शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता के अलावा केनरा बैंक और डीएमआरसी से दस्तावेज को लेकर जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि आरोपी ने संपत्ति बेचने के दौरान शिकायतकर्ता को बताया कि उसने प्रॉपर्टी को केनरा बैंक में गिरवी रखकर 4.12 करोड़ का व्यक्तिगत लोन लिया था, जिसे चुका दिया गया है। लेकिन आरोपी ने अपनी कंपनी सूर्यांश हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर 20.22 करोड़ का लोन लिया था, जिसकी जानकारी शिकायतकर्ता से छुपा ली थी।
इतना ही नहीं जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी ने संपत्ति को फरवरी 2017 में बेच दिया था लेकिन तथ्यों को छुपाकर जनवरी 2018 में उसने डीएमआरसी को पत्र लिखकर लीज समझौते को अपने नाम से बढ़वाकर किराए ले रहा था। जांच में संलिप्तता पाए जाने के बाद उप निरीक्षक अश्वनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी विनोद कुमार शर्मा को 13 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया।