दिल्ली: बेगम विहार में मकान की छत गिरने से पिता-पुत्र की मौत, दो घायल
बृहस्पतिवार रात 10 बजे सभी सो गए थे। तड़के सवा चार बजे अचानक कमरे की छत भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे दबे लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपड़ोस के लोग वहां पहुंचे और सभी को मलबे से निकालना शुरू किया।
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राजधानी के बेगम विहार इलाके में शुक्रवार सुबह एक मकान की पहली मंजिल पर स्थित कमरे की छत भरभराकर गिर गई। हादसे में वहां सो रहे पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की शिनाख्त केदार (65) और पुत्र सोनू (30) के रूप में हुई है, जबकि प्रमोद (35) और अनिल (30) घायल हो गए। यह दोनों केदार के भांजे हैं। केदार राजमिस्त्री का काम करता था, जबकि अन्य लोग मजदूरी करते थे।
बृहस्पतिवार रात 10 बजे सभी सो गए थे। तड़के सवा चार बजे अचानक कमरे की छत भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे दबे लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपड़ोस के लोग वहां पहुंचे और सभी को मलबे से निकालना शुरू किया। इसी बीच पुलिस और दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। तब तक प्रमोद और अनिल को मलबे से बाहर निकालकर पास के आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था।
अपने भांजों से मिलने आया था केदार
प्रमोद ने बताया कि वह मूलत: यूपी में एटा के बजेदीपुर का रहने वाला है। उसका मामा केदार अपने बेटों सोनू और मुन्ना के साथ बेगम विहार में रहते थे। बृहस्पतिवार रात केदार अपने बेटे सोनू के साथ उनसे मिलने आए थे।
कई बार कर चुका था शिकायत
प्रमोद ने बताया कि जब से कमरा किराए पर लिया था तभी से मकान मालिक को छत की मरम्मत करने के लिए कहा जा रहा था। बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद छत टपकने लगी। उसने मकान मालकिन को बुलाकर उसे दिखाया और उसकी मरम्मत करवाने की बात कही, लेकिन उसने काम नहीं करवाया। मकान मालकिन इसी गली में अपने दूसरे मकान में रहती है।