{"_id":"636cb9dc915227239d1d2f56","slug":"delhi-exise-policy-manish-sisodia-sought-excise-policy-documents-from-departments","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi Exise Policy: मनीष सिसोदिया ने विभागों से मांगे थे दिल्ली आबकारी नीति के गठन से जुड़े दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi Exise Policy: मनीष सिसोदिया ने विभागों से मांगे थे दिल्ली आबकारी नीति के गठन से जुड़े दस्तावेज
Thu, 10 Nov 2022 03:10 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Thu, 10 Nov 2022 03:10 PM IST
सार
राजधानी दिल्ली में आबकारी नीति बनाने और उसे लागू करने के कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 8 जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी।
विज्ञापन
manish sisodia, मनीष सिसोदिया
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
दिल्ली में आबकारी नीति बनाने और उसे लागू करने के कथित भ्रष्टाचार के मामले में फंसे डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया मामले में एक नया खुलासा हुआ है। आरोप है कि अपने ओएसडी के जरिए मनीष सिसोदिया ने 30 सितंबर को आबकारी आयुक्त और अन्य संबंधित विभागों से दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के गठन से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां मांगी थी। न्यूज एजेंसी ANI को आधिकारिक सूत्रों से इसकी जानकारी मिली है। पत्र की कॉपी भी रिलीज की गई है। हालांकि दिल्ली सरकार के क़ानून विभाग ने इससे इनकार किया है। उनका कहना है कि CBI मामले की जांच और सभी जांच से जुड़ी फ़ाइलें उनके पास है।
विज्ञापन
यह है मामला
दरअसल, एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 8 जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे। जिसमें आबकारी नीति (2021-22) बनाने और उसे लागू करने में लापरवाही बरतने के साथ ही नियमों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में गंभीर चूक के आरोप हैं।
विज्ञापन
इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को टेंडर के बाद लाभ पहुंचाना भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि शराब बेचने की वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आबकारी मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया ने इन प्रावधानों की अनदेखी की है।
विज्ञापन