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Delhi : सॉफ्टवेयर की कमी से शोरूम में ही बेच रहे थे चुराई गई जूलरी, महिला समेत दो कर्मचारी गिरफ्तार

Wed, 05 Jul 2023 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 05 Jul 2023 05:55 AM IST
सार

शोरूम के सॉफ्टवेयर में मौजूद कमी का फायदा उठाकर ये कई करोड़ की जूलरी चुरा चुके हैं और लाखों रुपये की चुराई गई जूलरी इसी शोरूम में बेच चुके हैं। लाजपत नगर पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

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Delhi : Due to lack of software, stolen jewelery was being sold in the showroom itself.
गिरफ्त में आरोपी... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लाजपत नगर स्थित एक जूलरी शोरूम में बिलिंग एग्जीक्यूटिव ज्ञान प्रकाश और सेल्स एग्जीक्यूटिव सरिता पाठक शोरूम से जूलरी चोरी कर रहे थे। शोरूम के सॉफ्टवेयर में मौजूद कमी का फायदा उठाकर ये कई करोड़ की जूलरी चुरा चुके हैं और लाखों रुपये की चुराई गई जूलरी इसी शोरूम में बेच चुके हैं। लाजपत नगर पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से 2.2 किलोग्राम जूलरी व 10.60 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। 

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फेज-दो, लाजपत नगर स्थित रामाकृष्णा ज्वैलर्स के मैनेजर रोहित भुट्टन ने शोरूम से काफी मात्रा में जूलरी चोरी होने की शिकायत दो जुलाई को पुलिस से की थी। उनका आरोप था कि शोरूम में बिलिंग एग्जीक्यूटिव ज्ञान प्रकाश और सेल्स एग्जीक्यूटिव सरिता पाठक ने जूलरी चुराई है और हिसाब में हेराफेरी की है। 
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मामला दर्जकर लाजपत नगर थाने में तैनात एसआई प्रदीप मलिक की देखरेख में हवलदार नितिन कुमार की टीम ने जांच शुरू की। लंबी जांच के बाद एसआई प्रदीप मलिक की टीम ने द्वारकापुरी, डाबड़ी निवासी ज्ञान प्रकाश ओर सेक्टर-22, नोएडा यूपी निवासी सरिता सिंह पाठक को गिरफ्तार कर लिया। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि आरोपियों ने चुराई गई जूलरी को अपने घरों में छिपाकर रखा हुआ था। ज्ञान प्रकाश की निशानदेही पर 258 ग्राम सोना व 10 लाख 50 हजार रुपये और  सरिता की निशानदेही पर 1968.40 किलोग्राम जूलरी व 10 हजार रुपये बरामद किए गए। ये लोग आठ-नौ महीने से शोरूम से जूलरी चुरा रहे थे। 
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ऐसे देते थे वारदात अंजाम
आरोपी शोरूम में लगे सॉफ्टवेयर में मौजूद कमी का फायदा उठाते थे। काम करते-करते ज्ञान प्रकाश को इसका पता लग गया। एसआई प्रदीप मलिक की पूछताछ में ये बात सामने आई कि आरोपी सॉफ्टवेयर में जूलरी का टैग डालते थे। टैग डालते ही जूलरी का केरेट, वजन व कीमत आदि आ जाती थी। ये शुरू में कम वजन व कीमत वाली जूलरी टैग डालते थे। इसके बाद ये चालाकी करते हुए उसी टैग में दूसरी भारी वजन व ज्यादा कीमत वाली दूसरी जूलरी के टैग की इंट्री कर देते थे।

इंट्री करते ही दूसरी जूलरी की जानकारी को सॉफ्टवेयर सोल्ड (बिकी हुई) दिखा देता था। इसके बाद ये उसे घर ले जाते थे। इसी तरह ये उसी टैग में तीसरी जूलरी के टैग व जानकारी की इंट्री कर देते थे। इंट्री करते ही बिकी हुई दूसरी जूलरी की डिटेल आ जाती थी और तीसरी जूलरी पर सोल्ड दिख जाता था। आरोपियों को पता होता था कि किस ग्राहक ने कौन सी और कितने की जूलरी खरीदी है। जब कोई ग्राहक जूलरी को वापस करने आता था, ये उसकी मात्रा ज्यादा दिखाकर मैनेजर से उसके हिसाब से पैसा लेते थे। ग्राहक को वापस की गई जूलरी की मात्रा के हिसाब से पैसा देकर बाकी पैसा अपनी जेब में रख लेते थे। जितना वजन ज्यादा दिखाया होता था, उतनी जूलरी को शोरूम में रख देते थे और उसे दोबारा बेच दिया जाता था। 


शनिवार व रविवार को ही चुराते थे
आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि दोनों आरोपी शनिवार व रविवार को ही जूलरी चुराते थे। इन दोनों दिनों में शोरूम में भीड़ ज्यादा होती थी। जिस दिन जूलरी चुराते थे, उसी दिन जूलरी को बैगों में रखकर ले जाते थे। ये सीसीटीवी कैमरों पर ही नजर रखते थे।

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