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Delhi Delimitation : आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद दूर नहीं हुईं खामियां, नियमों की अनदेखी का आरोप

Thu, 20 Oct 2022 06:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 20 Oct 2022 06:35 AM IST
सार

Delhi Delimitation: दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने एमसीडी के वार्डों का परिसीमन करने के दौरान राजनीतिक दलों व आम लाेगों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद खामियां दूर नहीं की। इतना ही नहीं, चुनाव आयोग ने वार्डों का परिसीमन करते समय नियमों का पालन नहीं किया है।

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Delhi Delimitation: Despite filing objections, the flaws have not been removed
mcd - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने एमसीडी के वार्डों का परिसीमन करने के दौरान राजनीतिक दलों व आम लाेगों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद खामियां दूर नहीं की। इतना ही नहीं, चुनाव आयोग ने वार्डों का परिसीमन करते समय नियमों का पालन नहीं किया है। एमसीडी के अधीन आने वाले 68 विधानसभा क्षेत्रों में एक तिहाई से अधिक विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों में आबादी का बड़ा अंतर है, जबकि वार्डों में करीब-करीब एक समान आबादी होनी चाहिए।

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दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने गत 12 सितंबर को एमसीडी के 250 वार्डों का परिसीमन करने के लिए ड्राफ्ट जारी किया था। इस ड्राफ्ट पर आयोग ने तीन अक्तूबर तक आपत्ति मांगी थी। इस दौरान राजनीतिक दलों व उनके नेताओं के साथ-साथ आम जनता की ओर से 1720 आपत्तियां जताई गई थीं। आयोग को दी अधिकतर आपत्तियां वार्डों में एक समान आबादी नहीं होने संबंधी थी। इसके बावजूद आयोग ने आपत्तियों की सुनवाई करते हुए वार्डों में एक समान आबादी नहीं की।
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 एक तिहाई से अधिक विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों में आबादी का बड़ा अंतर है। इन क्षेत्रों के वार्डों में 20 से 35 हजार आबादी कम व ज्यादा है। आयोग ने करीब सवा माह पहले जारी किए ड्राफ्ट में संशोधन करने के दौरान एक तिहाई वार्डों में आबादी बढ़ाई, जबकि एक तिहाई वार्डों में आबादी कम की और एक तिहाई वार्डों की आबादी में कोई परिवर्तन नहीं किया। वहीं आयोग ने अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की बीच सीमा स्पष्ट तौर पर तय नहीं की।
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इन विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की जनसंख्या में अंतर

  • नरेला विधानसभा क्षेत्र के नरेला की 54908, होलंबी कलां की 80238 व अलीपुर की 74449, बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र के मुकुंदपुर की 86243 व संत नगर की 54096, बवाना विधानसभा क्षेत्र के बेगमपुर की 78987 व शाहबाद डेयरी की 54537, मुंडका विधानसभा क्षेत्र के निलोठी की 79992, नांगलोई की 71856, रानीखेड़ा की 69553 व कंझावला की 40467 जनसंख्या है।
  • किराड़ी विधानसभा क्षेत्र के मुबारिकपुर की 81734, अमर विहार की 78962 व किराड़ी की 57703, नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र के ज्वालापुरी की 80685 व निहाल विहार की 52919, वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र के वजीरपुर की 87397 व अशोक विहार की 55773, पटेल नगर विधानसभा क्षेत्र के वेस्ट पटेल नगर की 69686 व ईस्ट पटेल नगर की 44420 जनसंख्या है।
  • तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र के ख्याला की 72421, केशोपुर की 72766 व तिलक नगर की 52859, विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र के सैनिक इंक्लेव की 88571, विकासपुरी की 74846, विकास नगर की 51864 व बापरौला की 54328, उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र के नवादा की 86959, मोहन गार्डन की 60029 व बिंदापुर की 58750, मटियाला विधानसभा क्षेत्र के नगली सकरावती की 83159, छावला की 81500 व मटियाला की 54631 जनसंख्या है।
  • बिजवासन विधानसभा क्षेत्र के कापसहेड़ा की 74073, द्वारका सी की 45075 व बिजवासन की 47291, राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के नारायणा की 80240 व इंद्रपुरी की 59603, ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र के चिराग दिल्ली की 74850 व ग्रेटर कैलाश की 47763, कालकाजी विधानसभा क्षेत्र के गोविंदपुरी की 74610, श्रीनिवासपुरी की 70489 व कालकाजी की 45038, ओखला विधानसभा क्षेत्र के अबुल फजल एन्क्लेव व जाकिर नगर की 76 हजार से अधिक, जबकि मदनपुर खादर ईस्ट व वेस्ट और सरिता विहार की 56 हजार से कम जनसंख्या है।
  • त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र के न्यू अशोक नगन्की 63870, मयूर विहार फेज-एक में 88878 व त्रिलोकपुरी की 88792, लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र के पांडव नगर की 71022 व लक्ष्मी नगर की 47859 और करावल नगर विधानसभा क्षेत्र के श्रीराम काॅलोनी की 83347 व साबापुर की 42819 जनसंख्या है।

दो वार्डों का नाम एक ही काॅलोनी के नाम रखा
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने एमसीडी के वार्डों का परिसीमन करने के दौरान कहीं की ईंट, कहीं का रोड़ा भानुमति ने कुनबा जोड़ा वाली कहावत चरितार्थ की है। आयोग ने आनन-फानन में वार्ड का परिसीमन करते हुए वार्डों के नाम रखने में भी लापरवाही बरती है। आयोग ने साथ लगे दो विधानसभा क्षेत्रों के एक-एक वार्ड का नाम एक ही काॅलोनी के नाम पर तय किया है। आयोग ने जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र के अधीन वार्ड नंबर 105 का नाम महावीर एन्क्लेव तय किया है, जबकि इसी विधानसभा क्षेत्र से सटे पालम विधानसभा क्षेत्र के अधीन वार्ड नंबर 137 का भी नाम महावीर एन्क्लेव रख दिया है।

परिसीमन के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी कांग्रेस
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि एमसीडी के वार्डों के परिसीमन की फाइनल रिपोर्ट भाजपा की जीत सुनिश्चित करने और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की मौन सहमति से बनाई गई है। मूल अवधारणा और किए गए वायदों से अलग लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रख बनाई गई परिसीमन रिपोर्ट में वार्डों में जनसंख्या समीकरण का उल्लंघन, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय को अलग-थलग कर नियमों की पूरी तरह से अवहेलना की गई है।



इसके खिलाफ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया। पार्टी कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि परिसीमन रिपोर्ट को जब ड्राफ्ट रिपोर्ट की तरह जस का तस ही बनाकर लाना था तो फिर दिल्ली की जनता से सुझाव और शिकायतें मांगकर चुनाव आयोग ने गुमराह क्यों किया गया। कांग्रेस ने ड्राफ्ट परिसीमन की गहन समीक्षा कर चुनाव आयोग के समक्ष 168 शिकायत/सुझाव जमा किए थे, परंतु चुनाव आयोग ने उन पर कोई विचार न करके सभी गृह मंत्रालय को भेज दिए और भाजपा को फायदा पहुंचाने वाली परिसीमन रिपोर्ट की अधिसूचना जारी कर दी। 

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