फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi: Court expressed displeasure over the attitude of demanding compensation of Rs 50 lakh by terming the death of wife as a road accident

दिल्ली: पत्नी की आत्महत्या से हुई मौत को सड़क दुर्घटना बता मांग रहा था 50 लाख मुआवजा, कोर्ट ने याचिका की खारिज

Wed, 08 Dec 2021 09:48 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 08 Dec 2021 09:48 PM IST
सार

मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) की न्यायाधीश कामिनी लाऊ ने मृतका के पति को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि उसने अपनी पत्नी की आत्महत्या से हुई मौत को मोटर दुर्घटना बताकर मुआवजे का दावा कर उसके शव पर पैसा वसूलने की कोशिश की है।

विज्ञापन
Delhi: Court expressed displeasure over the attitude of demanding compensation of Rs 50 lakh by terming the death of wife as a road accident
कोर्ट। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अदालत ने पत्नी की कथित आत्महत्या से हुई मौत को सड़क दुर्घटना से हुई मौत बताकर 50 लाख रुपये का मुआवजा मांगने का मामला दायर करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने उत्तर प्रदेश निवासी राजीव यादव की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला चल रहा है और याची ने उससे बचने के लिए दिल्ली अदालत में मुआवजे के लिए याचिका दायर की है।

विज्ञापन


राजीव यादव ने तर्क रखा कि तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में अक्टूबर 2018 को उसकी पत्नी पूजा यादव को टक्कर मार दी थी और यह घटना उस समय हुई थी जब वह मंदिर जा रही थी।
विज्ञापन


मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) की न्यायाधीश कामिनी लाऊ ने उसे राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि यादव ने अपनी पत्नी की आत्महत्या से हुई मौत को मोटर दुर्घटना बताकर मुआवजे का दावा कर उसके शव पर पैसा वसूलने की कोशिश की है। उन्होंने कहा पूजा ने अपनी मौत से पांच महीने पहले राजीव से शादी की थी और वह अपने माता-पिता से उसके द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बारे में आए दिन शिकायत करती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि अपनी पत्नी की मौत के मामले में यादव की भूमिका की उत्तर प्रदेश की एक आपराधिक अदालत में जांच चल रही है और दहेज तथा आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बचाव की कोशिश के तौर पर दिल्ली की अदालत में याचिका दायर की गई।

उन्होंने कहा यह पहला मामला नहीं है जहां आत्महत्या/हत्या की मौत की घटना को सड़क यातायात दुर्घटना के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अदालतों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है खासकर जब मृतक की मृत्यु के संबंध में अनिश्चितता हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed