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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 28 फरवरी को मेरठ में करेंगे किसान महापंचायत को संबोधित
Mon, 15 Feb 2021 07:29 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 15 Feb 2021 07:29 PM IST
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : एएनआई
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 28 फरवरी को मेरठ में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। आप नेता संजय सिंह ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सीएम केजरीवाल 28 को किसानों को सम्बोधित करेंगे। 1857 की क्रांति भूमि मेरठ से किसानों के हक में आवाज उठेगी।
कृषि कानूनों के विरोध में जगह-जगह महापंचायत आयोजित हो रही है। किसानों की आवाज को बुलंद किया जा रहा है। उधर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने बिजनौर में किसान महासभा को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला और पूछा मोदी सरकार में क्या किसानों की आय दोगुनी हुई? प्रियंका ने कहा माना आपने भलाई के लिए कानून बनाए हैं, पर जब वो नहीं चाहते तो कानूनों को वापस लो। उन्होंने कहा, क्या मोदी सरकार जबरदस्ती किसानों की भलाई करेगी। मैं भाषण देने नहीं आई हूं, आपसे बातचीत करने आई हूं।
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वहीं हाथरस में किसान महापंचायत में रालोद के पूर्व सांसद जंयत चौधरी ने कहा कि किसान आज अपने आपको अपमानित महसूस कर रहा है। आज किसानों की बात नहीं मानी जा रही है। काले कानूनों को उनपर थोपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछला चुनाव वे और अजित सिंह हार गए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि देश का किसान हार गया। देश के किसान की आज तक कोई हार नहीं हुई है। इसलिए इस सरकार के अहंकार को तोड़ना होगा। सरकार का अहंकार वोट की चोट से टूटेगा। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जब तक किसानों के हित में सरकार काले कानून वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसान पिछले करीब ढाई महीने से कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर डटे हुए हैं। इस दौरान किसानों को कई राजनीतिक पार्टियों से समर्थन मिल रहा है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, आरएलडी, समाजवादी पार्टी समेत कई दल किसान के साथ खड़े हैं।
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मेरठ में कार्यकर्ता बैठक सम्पन्न 28 फ़रवरी को होगी “किसान महापंचायत” दिल्ली के मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal जी किसानो को सम्बोधित करेंगे। 1857 की क्रान्तिभूमि मेरठ से उठेगी किसानो के हक़ में आवाज़। #काला_क़ानून_वापस_लो
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) February 15, 2021
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कृषि कानूनों के विरोध में जगह-जगह महापंचायत आयोजित हो रही है। किसानों की आवाज को बुलंद किया जा रहा है। उधर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने बिजनौर में किसान महासभा को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला और पूछा मोदी सरकार में क्या किसानों की आय दोगुनी हुई? प्रियंका ने कहा माना आपने भलाई के लिए कानून बनाए हैं, पर जब वो नहीं चाहते तो कानूनों को वापस लो। उन्होंने कहा, क्या मोदी सरकार जबरदस्ती किसानों की भलाई करेगी। मैं भाषण देने नहीं आई हूं, आपसे बातचीत करने आई हूं।
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वहीं हाथरस में किसान महापंचायत में रालोद के पूर्व सांसद जंयत चौधरी ने कहा कि किसान आज अपने आपको अपमानित महसूस कर रहा है। आज किसानों की बात नहीं मानी जा रही है। काले कानूनों को उनपर थोपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछला चुनाव वे और अजित सिंह हार गए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि देश का किसान हार गया। देश के किसान की आज तक कोई हार नहीं हुई है। इसलिए इस सरकार के अहंकार को तोड़ना होगा। सरकार का अहंकार वोट की चोट से टूटेगा। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जब तक किसानों के हित में सरकार काले कानून वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसान पिछले करीब ढाई महीने से कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर डटे हुए हैं। इस दौरान किसानों को कई राजनीतिक पार्टियों से समर्थन मिल रहा है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, आरएलडी, समाजवादी पार्टी समेत कई दल किसान के साथ खड़े हैं।