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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi 70 percent sewage treatment plants did not follow the standards for the last one year

दिल्ली: पिछले एक साल से 70 प्रतिशत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स पर पानी मानकों के अनुसार नहीं

Sun, 31 Oct 2021 02:43 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 31 Oct 2021 02:43 PM IST
सार

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के अनुसार, शुद्ध किए गए पानी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), टोटल सस्पेंडेड सोलिड्स (टीएसएस) और टोटल नाइट्रोजन प्रतिलीटर 10 मिलीग्राम या कम होने चाहिए।

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Delhi 70 percent sewage treatment plants did not follow the standards for the last one year
एसटीपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी में अपशिष्ट जल के लिए 35 में से औसतन 24 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) पर पिछले एक साल से मानकों के अनुसार पानी नहीं मिला है। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

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दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 72 करोड़ गैलन अपशिष्ट पानी निकलता है। दिल्ली में 20 स्थानों पर लगे 35 एसटीपी प्रतिदिन 59.7 करोड़ अपशिष्ट जल को शुद्ध कर सकते हैं और अपनी 90 प्रतिशत क्षमता से काम कर रहे हैं।
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दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के अनुसार, शुद्ध किए गए पानी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), टोटल सस्पेंडेड सोलिड्स (टीएसएस) और टोटल नाइट्रोजन प्रतिलीटर 10 मिलीग्राम या कम होने चाहिए। शुद्ध किए गए प्रतिलीटर जल में केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) 50 एमजी, अमोनिएकल नाइट्रोजन पांच एमजी और फॉस्फेट प्रतिलीटर दो एमजी प्रतिलीटर रहना चाहिए।
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सबसे ज्यादा बार मानकों का पालन करने वाले एसटीपी में ओखला फेज-6, डॉ. सेन नर्सिंग होम नाला, दिल्ली गेट नाला फेज-1, दिल्ली गेट नाला फेज-2, चिल्ला, राष्ट्रमंडल खेल गांव, निलोती फेज-2 और पापंकलन फेज-2 हैं। पिछले साल अक्तूबर में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण की टीम ने 33 एसटीपी से नमूने लिए थे। इनमें से 23 को मानकों का पालन नहीं करते हुए पाया गया था। 23 नवंबर और 22 दिसंबर को इनमें मानकों के अनुसार पानी नहीं मिला।


सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी में 25 एसटीपी, फरवरी में 26 और मार्च में 24 एसटीपी अपशिष्ट जल मानकों के अनुसार शुद्ध नहीं हुआ। अप्रैल और मई में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण सैंपल लिए नहीं जा सके। इसके बाद जून में 22, जुलाई में 24, अगस्त में 26 और सितंबर में 26 में मानकों का पालन नहीं हुआ।

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