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जंतर-मंतर पर दलित समाज हुआ एकजुट, तुगलकाबाद में मूलस्थान पर रविदास मंदिर बनाने की मांग 

Fri, 30 Aug 2019 11:42 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 30 Aug 2019 11:42 PM IST
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dalit community protest at jantar mantar to built ravidas temple at Tughlakabad delhi
दलित समाज का जंतर-मंतर पर धरना - फोटो : सोशल मीडिया
बीते दिनों दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में तोड़े गए संत रविदास मंदिर को फिर से बनवाने की मांग को लेकर दलित समाज ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन सांकेतिक धरना दिया। इस धरना प्रदर्शन में लोगों ने मांग की कि संत रविदास का मंदिर उसी जगह पर बनाया जाए, जहां से मंदिर तोड़ा गया। अगर मंदिर मूल स्थान पर नहीं बनाया गया तो दलित समाज ने फिर से सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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इस धरने का आयोजन गुरु रविदास जयंती समारोह समिति तुगलकाबाद द्वारा किया है। इस मौके पर अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत सुखदेव वाघमरे, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लीलोठिया और आप पार्टी के विधायक विशेष रवि, पूर्व मंत्री भजमन बहरा और ऑल इंडिया अम्बेडकर महासभा के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अरुण गौतम समेत अन्य लोग मौजूद थे। 
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इस मौके पर वक्ताओं ने संत गुरु रविदास के मंदिर और आश्रम को तुगलकाबाद में तोड़े जाने के खिलाफ आवाज उठाई। इसी दौरान संत सुखदेव वाघमारे ने कहा कि संत रविदास का मंदिर वहीं पर बनाया जाए, जहां पर मंदिर का मूल स्थान है। उन्होंने कहा कि दलित समाज इस मंदिर को किसी दूसरे स्थान पर बनाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर की लड़ाई आज तक जारी है, तो इस मंदिर से भी लोगों की आस्थाएं जुड़ी हैं। इसलिए इस मंदिर को भी वहीं बनाया जाए जहां इसकी स्थापना शुरूआत से हुई।
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आंदोलन के संयोजक अशोक भारती ने कहा कि दलित समाज की दो मुख्य मांगे हैं। जिसके तहत संत गुरु रविदास के तोड़े गए मंदिर का उसके मूलस्थान पर निर्माण किया जाए और उसकी जमीन का मालिकाना हक गुरु रविदास जयंती समारोह समिति को सौंपा जाए। इसके साथ ही उहोंने मांग की कि संत गुरु रविदास मंदिर आंदोलन के दौरान गिरफ़्तार किए सभी आंदोलनकारियों की बिना शर्त रिहाई और मुकदमों की वापसी भी की जाए। 
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