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हत्या के बाद डॉ. चंद्र प्रकाश ने तीन बार किया आत्महत्या का प्रयास
Sat, 04 May 2019 05:32 AM IST
नोएडा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 04 May 2019 05:32 AM IST
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डॉक्टर चंद्र प्रकाश
- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. गरिमा से झगड़ा करने के बाद आरोपी डॉ. चंद्र प्रकाश ने उसकी हत्या तो कर दी, लेकिन हत्या करने के बाद वह बुरी तरह डर गया। उसे लगा कि अब उसकी जीवन समाप्त हो गया है। हत्या करने के बाद पहले उसने अपनी मां और बहन को फोन कर बताया कि उससे बड़ी गलती हो गई है। यही सोचकर आरोपी दिल्ली से भागकर ऋषिकेश पहुंचा। वहां उसने होटल के कमरे में बेल्ट से फंदा लगाकर खुदकुशी का प्रयास किया, लेकिन वह उसमें कामयाब नहीं हो पाया। बाद में उसने होटल के बाहर लगे ट्रांसफार्मर से चिपककर खुदकुशी करनी चाही। इस बार वह हिम्मत नहीं जुटा पाया। चंद्र प्रकाश को लगा कि अगर वह सुसाइड करने के बाद बच गया, तो उसके परिवार का जीवन बर्बाद हो जाएगा। बाद में शुक्रवार को उसने नहर में कूदने की कोशिश की, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गरिमा की हत्या करने के बाद वह बुरी तरह डर गया था। उसने कमरे से अपना बैग व कुछ कपड़े उठाए और रंजीत नगर से निकल गया। आरोपी ने रास्ते में पटेल नगर मेट्रो स्टेशन के पास एटीएम से 9500 रुपये निकाले। वहां से उसने आनंद विहार जाने के लिए ऑटो लिया। इस बीच उसका मोबाइल ऑन रहा। मयूर विहार के पास एनएच-24 पर जब उसका ऑटो पहुंचा, तो उसने मोबाइल बंद कर लिया। आनंद विहार से बस में सवार होकर वह पहले हरिद्वार पहुंचा। अगले दिन उसने सुबह नौ बजे अपनी मां को फोन कर कहा कि उसने गरिमा की हत्या कर दी है और अब वह आत्महत्या करने जा रहा है। इसके बाद उसने दोबारा अपना फोन बंद कर लिया। इधर पुलिस टीम को उसके ऋषिकेश में होने का पता चल गया। फौरन क्राइम ब्रांच के अलावा कुल 17 टीमें हरिद्वार व ऋषिकेश पहुंच गईं। बुधवार को पूरे दिन इधर-उधर घूमने के बाद आरोपी ने रात को ऋषिकेश में एक होटल का कमरा लिया। वहीं पर उसने आत्महत्या का प्रयास किया।
अगले दिन उसने होटल छोड़ दिया। होटल में रहने के दौरान आरोपी होटल स्टाफ से पूछता रहा कि हरिद्वार या ऋषिकेश में सबसे गहरी नहर या गंगा कहां पर है। होटल स्टाफ ने उसे बताया कि गंग नगर में सबसे ज्यादा पानी चलता है। होटल में रहने के दौरान वह दो बार के प्रयास में चाहकर भी आत्महत्या नहीं कर पाया।
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इधर, पुलिस टीम आरोपी को खोजते हुए आरोपी के होटल तक पहुंच गई। वहां होटल स्टाफ से पूछताछ के बाद उसके पहने हुए कपड़ों के बारे में पुलिस टीम ने पता लगाया। इधर आरोपी बृहस्पतिवार को दिनभर इधर-उधर घूमता रहा। बाद में वह ऋषिकेश से रुड़की पहुंच गया। शुक्रवार सुबह वह रुड़की में गंग नहर के पुल पर खड़ा होकर वहां से कूदने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पूर्व पुलिस ने उसे दबोच लिया।
मोबाइल लोकेशन से आरोपी तक पहुंची पुलिस
गरिमा की हत्या करने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल तो बंद कर लिया, लेकिन बार-बार मोबाइल ऑन कर व्हॉट्सऐप चेक करने और परिजनों से बातचीत करने के चक्कर में उसने अपनी लोकेशन का सुराग पुलिस को दे दिया। बुधवार सुबह चंद्र प्रकाश ने जैसे ही अपनी मां से बातचीत की, उसी समय पुलिस को उसके उत्तराखंड में होने का पता चल गया। इसके बाद आरोपी लगातार कभी हरिद्वार, कभी ऋषिकेश तो कभी रुड़की में अपनी लोकेशन बदलता रहा, लेकिन बार-बार उसके मोबाइल ऑन करने से पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चलता रहा और पुलिस शुक्रवार को उस तक पहुंच गई। पुलिस को ऋषिकेश के उस होटल की सीसीटीवी फुटेज भी मिल गई, जहां पर चंद्र प्रकाश रुका हुआ था।
फूट-फूटकर रोने लगा आरोपी
शुक्रवार को जब पुलिस ने आरोपी को दबोचा तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को अब अपने किए पर पछतावा हो रहा है। वह पुलिस की गिरफ्त में आकर अपने परिवार को परेशान नहीं करना चाहता था। चंद्र प्रकाश का कहना है कि यदि वह आत्महत्या कर लेता तो उसके परिवार को इससे निजात मिल जाती, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही दबोच लिया।
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पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गरिमा की हत्या करने के बाद वह बुरी तरह डर गया था। उसने कमरे से अपना बैग व कुछ कपड़े उठाए और रंजीत नगर से निकल गया। आरोपी ने रास्ते में पटेल नगर मेट्रो स्टेशन के पास एटीएम से 9500 रुपये निकाले। वहां से उसने आनंद विहार जाने के लिए ऑटो लिया। इस बीच उसका मोबाइल ऑन रहा। मयूर विहार के पास एनएच-24 पर जब उसका ऑटो पहुंचा, तो उसने मोबाइल बंद कर लिया। आनंद विहार से बस में सवार होकर वह पहले हरिद्वार पहुंचा। अगले दिन उसने सुबह नौ बजे अपनी मां को फोन कर कहा कि उसने गरिमा की हत्या कर दी है और अब वह आत्महत्या करने जा रहा है। इसके बाद उसने दोबारा अपना फोन बंद कर लिया। इधर पुलिस टीम को उसके ऋषिकेश में होने का पता चल गया। फौरन क्राइम ब्रांच के अलावा कुल 17 टीमें हरिद्वार व ऋषिकेश पहुंच गईं। बुधवार को पूरे दिन इधर-उधर घूमने के बाद आरोपी ने रात को ऋषिकेश में एक होटल का कमरा लिया। वहीं पर उसने आत्महत्या का प्रयास किया।
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अगले दिन उसने होटल छोड़ दिया। होटल में रहने के दौरान आरोपी होटल स्टाफ से पूछता रहा कि हरिद्वार या ऋषिकेश में सबसे गहरी नहर या गंगा कहां पर है। होटल स्टाफ ने उसे बताया कि गंग नगर में सबसे ज्यादा पानी चलता है। होटल में रहने के दौरान वह दो बार के प्रयास में चाहकर भी आत्महत्या नहीं कर पाया।
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इधर, पुलिस टीम आरोपी को खोजते हुए आरोपी के होटल तक पहुंच गई। वहां होटल स्टाफ से पूछताछ के बाद उसके पहने हुए कपड़ों के बारे में पुलिस टीम ने पता लगाया। इधर आरोपी बृहस्पतिवार को दिनभर इधर-उधर घूमता रहा। बाद में वह ऋषिकेश से रुड़की पहुंच गया। शुक्रवार सुबह वह रुड़की में गंग नहर के पुल पर खड़ा होकर वहां से कूदने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पूर्व पुलिस ने उसे दबोच लिया।
मोबाइल लोकेशन से आरोपी तक पहुंची पुलिस
गरिमा की हत्या करने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल तो बंद कर लिया, लेकिन बार-बार मोबाइल ऑन कर व्हॉट्सऐप चेक करने और परिजनों से बातचीत करने के चक्कर में उसने अपनी लोकेशन का सुराग पुलिस को दे दिया। बुधवार सुबह चंद्र प्रकाश ने जैसे ही अपनी मां से बातचीत की, उसी समय पुलिस को उसके उत्तराखंड में होने का पता चल गया। इसके बाद आरोपी लगातार कभी हरिद्वार, कभी ऋषिकेश तो कभी रुड़की में अपनी लोकेशन बदलता रहा, लेकिन बार-बार उसके मोबाइल ऑन करने से पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चलता रहा और पुलिस शुक्रवार को उस तक पहुंच गई। पुलिस को ऋषिकेश के उस होटल की सीसीटीवी फुटेज भी मिल गई, जहां पर चंद्र प्रकाश रुका हुआ था।
फूट-फूटकर रोने लगा आरोपी
शुक्रवार को जब पुलिस ने आरोपी को दबोचा तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को अब अपने किए पर पछतावा हो रहा है। वह पुलिस की गिरफ्त में आकर अपने परिवार को परेशान नहीं करना चाहता था। चंद्र प्रकाश का कहना है कि यदि वह आत्महत्या कर लेता तो उसके परिवार को इससे निजात मिल जाती, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही दबोच लिया।