फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   coronavirus in delhi Arrangements will also be made in the ward for the mother or father with the infected child in delhi hospitals

दिल्ली: संक्रमित बच्चे के साथ माता या पिता के लिए भी वार्ड में होगी व्यवस्था, अस्पतालों में बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाना शुरू

Tue, 01 Jun 2021 11:51 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 01 Jun 2021 11:51 PM IST
सार

जानकारी के अनुसार अस्पतालों में न सिर्फ बिस्तरों का प्रबंध किया जा रहा है बल्कि दवाएं और आवश्यक उपकरण जैसे नीकू, आईसीयू इत्यादि को लेकर भी काम शुरू हो चुका है। इनके 

विज्ञापन
coronavirus in delhi Arrangements will also be made in the ward for the mother or father with the infected child in delhi hospitals
कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचने के लिए अस्पतालों में बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाना शुरू हो चुका है। अभी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से राज्यों को दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं लेकिन अस्पताल और दिल्ली सरकार ने एहतियात के तौर पर पहले से ही सुविधाओं को बढ़ाना शुरू कर दिया है। चूंकि बच्चों को आइसोलेशन में रखना काफी चुनौतीपूर्ण है। 
विज्ञापन


इसलिए बच्चों के साथ उनके माता या पिता को भी वार्ड में रहने की इजाजत दी जा सकती है लेकिन उसके लिए पूरी सतर्कता बरतना जरूरी होगा। अस्पतालों ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार अस्पतालों में न सिर्फ बिस्तरों का प्रबंध किया जा रहा है बल्कि दवाएं और आवश्यक उपकरण जैसे नीकू, आईसीयू इत्यादि को लेकर भी काम शुरू हो चुका है। इनके अलावा प्राइवेट अस्पतालों ने भी अपनी बाल रोग उपचार सेवाओं को लेकर समीक्षा शुरू कर दी है ताकि समय से पहले उनके पास पर्याप्त इंतजाम हो सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोहिणी में सरोज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के मुख्य कार्यकारी निदेशक डॉ पी के भारद्वाज ने कहा कि बाल चिकित्सा, आईसीयू और नवजात आईसीयू में बुनियादी ढांचे को लेकर सुधार करना है। इस बात को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचा तैयार कर रहा है कि एक तीमारदार को अपने कोविड बच्चे के साथ रखना होगा। इसलिए माता-पिता और बच्चे के लिए एक कमरे में दो विभाजन होंगे। वहीं नवजात इकाई में बिस्तरों की संख्या वर्तमान में 10 से बढ़ाकर लगभग 20 करने पर काम किया जा रहा है।
 

बच्चों के लिए ऑक्सीजन मास्क, उच्च प्रवाह वाली नाक की नलिकाएं, विशेष वेंटिलेटर और बीआईपीएपी मशीनें खरीदना शुरू कर दिया है। मालवीय नगर के मधुकर रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर के प्रमुख डॉ चंद्रशेखर ने कहा कि जरूरत पडने पर आईसीयू बेड की संख्या वर्तमान में 25 से बढ़ाकर 30 की जा सकती है।

यदि एक महीने से कम उम्र का बच्चा संक्रमित हो जाता है, तो उसे अस्पताल में 40 बिस्तरों वाले नवजात आईसीयू में रखा जा सकता है।हालांकि उस उम्र में बच्चे के संक्रमित होने का शायद ही कोई मामला सामने आया हो। इतना ही नहीं बच्चों में पोस्ट कोविड के तौर पर मिल रही मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम बीमारी को लेकर भी काम चल रहा है।

वहीं अपोलो अस्पताल तरल चिकित्सलय ऑक्सीजनज को बढ़ाने पर काम चल रहा है। फ्रांस के सहयोग से एक ऑक्सीजन जनरेटर संयंत्र स्थापित किया है।
लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में अब तक 40 बच्चों को संक्रमित होने के बाद भर्ती किया जा चुका है। उनमें से लगभग 15 एक वर्ष से भी कम आयु के थे। चिकित्सा निदेशक डॉ सुरेश कुमार ने कहा कि बच्चों के लिए अधिक आईसीयू बेड और उनके लिए एक विशेष आईसीयू बना रहे हैं।

सभी 1500 बिस्तरों में पाइप से ऑक्सीजन होगी। वर्तमान में, 1100 बिस्तरों में पाइप से ऑक्सीजन है और बाकी के लिए हम सिलेंडर पर निर्भर हैं। राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और चाचा नेहरू बाल शिक्षालय के चिकित्सा निदेशक डॉ राजीव शेरवाल ने कहा कि राजीव गांधी अस्पताल में एक सप्ताह के भीतर अपना ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र होने की संभावना है। बच्चों के लिए बिस्तर अलग रखे जा रहे हैं और बच्चों के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद भी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed