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दिल्ली में कोरोना: बीते 24 घंटे में सामने आए 632 नए मामले, संक्रमण दर पांच फीसदी से कम, सक्रिय मामले 1274
Tue, 19 Apr 2022 06:59 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 19 Apr 2022 06:59 PM IST
सार
एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि एक प्रतिशत से भी कम बेडों पर मरीज हैं, 99 फीसदी बेड खाली हैं।
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डॉ. सुरेश कुमार, एलएनजेपी
- फोटो : ANI
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विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना की रफ्तार तेज हो गई है। इससे लोगों में चिंता भी बढ़ गई है। दिल्ली में मंगलवार को बीते 24 घंटे में कोरोना के 632 नए मामले सामने आए। जिसमें से 414 मरीजों को स्वस्थ होने पर छुट्टी मिली। इस बीच कोई मौत नहीं हुई। सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 1274 हो गई है। संक्रमण दर 4.42 फीसदी हो गई है।
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हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने की दर बहुत कम है। एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि एक प्रतिशत से भी कम बेडों पर मरीज हैं, 99 फीसदी बेड खाली हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए 250 बेड हैं, जिसमें से सिर्फ चार बेडों पर कोविड के मरीज हैं। सभी चार मरीजों की स्थिति ठीक है।
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चार दिन में 59 फीसदी मरीज बढ़े अस्पतालों में
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के साथ-साथ अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बीते चार दिन में ही मरीजों की संख्या में 59 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इनमें कोरोना संदिग्ध मरीज भी शामिल हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 15 से 18 अप्रैल के बीच दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या 81 तक पहुंच गई है। इनमें लगभग हर दूसरा रोगी कोरोना संदिग्ध है। 81 में से 41 मरीजों की जांच रिपोर्ट नहीं आने की वजह से इन्हें कोविड संदिग्ध वार्ड में भर्ती किया गया है। इनके अलावा अस्पतालों में आईसीयू और वेंटिलेटर पर भी मरीजों का उपचार चल रहा है।
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रोगियों की संख्या 100 से भी कम
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर संख्या के रूप में देखें तो बीते दो दिन से रोजाना 500 से ज्यादा लोग संक्रमित मिल रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में अभी रोगियों की संख्या 100 से भी कम है। करीब 99 फीसदी से भी अधिक बिस्तर खाली पड़े हैं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि 15 अप्रैल से अब तक भर्ती मरीजों की स्थिति देखें तो इसमें 58.82 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल तक अस्पतालों में कुल 51 मरीज भर्ती थे जिनमें 30 मरीज कोरोना संदिग्ध और 21 संक्रमित रोगी शामिल थे।
उस दौरान वेंटिलेटर पर एक मरीज भर्ती था, जबकि 11 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। 16 अप्रैल को भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 59 और 17 अप्रैल को यह संख्या 66 दर्ज की गई थी। जबकि 18 अप्रैल तक भर्ती रोगियों की संख्या 81 तक पहुंच गई है। इनमें 41 संदिग्ध हैं और 12 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट और नौ मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। डॉक्टरों की मानें तो अधिकांश मरीजों की आयु और पहले से बीमारी भी भर्ती होने के पीछे एक कारण दिखाई दे रहा है। इसके अलावा कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनका टीकाकरण पूरा हुआ है लेकिन उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है।