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मैन्युअल न तैयार करने पर पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका
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नई दिल्ली। मानसिक रूप से कमजोर लोगों के संबंध में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून 2017 के तहत मैन्युअल तैयार न करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस के खिलाफ अवमानना याचिका हाईर्को में दायर की गई है। दावा किया गया है कि इस संबंध में दिए गए आदेश का पुलिस ने पालन नहीं किया। याचिका वकील गौरव कुमार बंसल की ओर से दायर की गई है।
याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने 2018 में दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून के तहत मामलों से निपटने के लिए एक मैन्युअल तैयार किया जाए। याची ने दावा किया कि सूचना के अधिकार कानून के तहत पुलिस से प्राप्त उत्तरों से पता लगा है कि मैनुअल तैयार किया जा रहा है।
याचिका में उन्होंने कहा कि मैनुअल नहीं होने के कारण मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समाज के कमजोर वर्ग, खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं, बेघर और अनाथ लोग बेहद भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर मानसिक रूप से कमजोर करीब दो लाख बेघर लोग रहते हैं और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून के तहत उनका संरक्षण करना पुलिस की जिम्मेदारी है।
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याची का कहना है कि आदेश के बावजूद मैन्युअल तैयार न होना अदालत के आदेश की अवमानना है। इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
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याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने 2018 में दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून के तहत मामलों से निपटने के लिए एक मैन्युअल तैयार किया जाए। याची ने दावा किया कि सूचना के अधिकार कानून के तहत पुलिस से प्राप्त उत्तरों से पता लगा है कि मैनुअल तैयार किया जा रहा है।
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याचिका में उन्होंने कहा कि मैनुअल नहीं होने के कारण मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समाज के कमजोर वर्ग, खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं, बेघर और अनाथ लोग बेहद भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर मानसिक रूप से कमजोर करीब दो लाख बेघर लोग रहते हैं और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून के तहत उनका संरक्षण करना पुलिस की जिम्मेदारी है।
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याची का कहना है कि आदेश के बावजूद मैन्युअल तैयार न होना अदालत के आदेश की अवमानना है। इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।