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दिल्ली: मामा की मदद से पकड़ा गया भांजा, रेमडेसिविर इंजेक्शन के बदले 40 हजार की ठगी, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
Wed, 19 May 2021 09:38 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 19 May 2021 09:38 AM IST
सार
एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक महिला के द्वारा आरोपी का नंबर मिला। आरोपी ने प्रत्येक इंजेक्शन के लिए 20 हजार रुपये दाम बताया और सौदा 40 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद आरोपी ने 25 हजार रुपये एडवांस व 15 हजार रुपये डिलीवरी के बाद देने के लिए कहा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के कालकाजी थाना पुलिस ने रेमेडिसिविर इंजेक्शन के बदले 40 हजार की ठगी करने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान इश्तियाक खान के रूप में हुई है। वह गोविंदपुरी इलाके में मेडिकल स्टोर चलाता है। आरोपी के पास से पुलिस ने मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। खास बात यह है कि आरोपी को उसके मामा से मिली जानकारी पर दबोचा गया है।
दक्षिण पूर्वी जिला उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि गत चार मई को गौरव ढींगड़ा ने धोखाधड़ी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। गौरव के एक दोस्त के पिता की कोरोना की वजह से तबियत बिगड़ गई थी। मरीज का घर में ही आसीयू बेड पर इलाज चल रहा था।
इस दौरान उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक महिला के द्वारा आरोपी का नंबर मिला। आरोपी ने प्रत्येक इंजेक्शन के लिए 20 हजार रुपये दाम बताया और सौदा 40 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद आरोपी ने 25 हजार रुपये एडवांस व 15 हजार रुपये डिलीवरी के बाद देने के लिए कहा।
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इस पर पीड़ित ने आरोपी के खाते में 25 हजार रुपये डाल दिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को इंजेक्शन उपलब्ध करा दिए, लेकिन बाद में पीड़ित को इंजेक्शन की गुणवत्ता पर शक हुआ। पीड़ित ने आरोपी से इंजेक्शन लौटाने के लिए कहा, लेकिन आरोपी ने मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।
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दक्षिण पूर्वी जिला उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि गत चार मई को गौरव ढींगड़ा ने धोखाधड़ी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। गौरव के एक दोस्त के पिता की कोरोना की वजह से तबियत बिगड़ गई थी। मरीज का घर में ही आसीयू बेड पर इलाज चल रहा था।
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इस दौरान उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक महिला के द्वारा आरोपी का नंबर मिला। आरोपी ने प्रत्येक इंजेक्शन के लिए 20 हजार रुपये दाम बताया और सौदा 40 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद आरोपी ने 25 हजार रुपये एडवांस व 15 हजार रुपये डिलीवरी के बाद देने के लिए कहा।
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इस पर पीड़ित ने आरोपी के खाते में 25 हजार रुपये डाल दिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को इंजेक्शन उपलब्ध करा दिए, लेकिन बाद में पीड़ित को इंजेक्शन की गुणवत्ता पर शक हुआ। पीड़ित ने आरोपी से इंजेक्शन लौटाने के लिए कहा, लेकिन आरोपी ने मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।
शिकायत के आधार पर एसीपी गोविंद शर्मा के नेतृत्व में एसाइ मनुदेव, पीएसाइ रोहित, एएसआइ प्रवीण, हेड कांस्टेबल गीतेश व कांस्टेबल आनंद की टीम बनाई गई। बैंक खाते से जानकारी निकालने पर खाता गोविंदपुरी निवासी मो. इस्तियाक के नाम पर मिला। पुलिस उक्त स्थान पर आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची, लेकिन आरोपी मौके पर नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने एसएमस अलर्ट नंबर की जांच की तो वह लखनऊ निवासी आरोपी के मामा के पास निकला। उन्होंने बताया कि इश्तियाक तुगलकाबाद इलाके में मेडिकल स्टोर चलाता है। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न मेडिकल स्टोर पर भी छानबीन की, लेकिन आरोपी अब भी बच गया।
गत 17 मई को आरोपी चोरी छिपे अपने मेडिकल स्टोर पर पहुंचा। इस दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कोरोना माहमारी में अधिक रुपये कमाने के लिए वह 11 हजार रुपये में दो इंजेक्शन खरीद 40 हजार में बेच दिया करता था।
इसके बाद पुलिस ने एसएमस अलर्ट नंबर की जांच की तो वह लखनऊ निवासी आरोपी के मामा के पास निकला। उन्होंने बताया कि इश्तियाक तुगलकाबाद इलाके में मेडिकल स्टोर चलाता है। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न मेडिकल स्टोर पर भी छानबीन की, लेकिन आरोपी अब भी बच गया।
गत 17 मई को आरोपी चोरी छिपे अपने मेडिकल स्टोर पर पहुंचा। इस दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कोरोना माहमारी में अधिक रुपये कमाने के लिए वह 11 हजार रुपये में दो इंजेक्शन खरीद 40 हजार में बेच दिया करता था।