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Hindi News ›   Delhi ›   Charges of corruption will be fixed on three including the chairperson of the Women Commission in Delhi

Delhi: DCW अध्यक्ष मालीवाल समेत तीन पर तय होंगे भ्रष्टाचार के आरोप, BJP नेता बग्गा ने की पद से हटाने की मांग

Fri, 09 Dec 2022 12:37 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 09 Dec 2022 12:37 PM IST
सार

दिल्ली भाजपा स्वाति मालीवाल को लेकर हमलावर हो गई है। भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह ने दिल्ली सीएम से मालीवाल को तुरंत हटाने की मांग की है। भाजपा नेता बग्गा ने ट्वीटर के जरिये दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल पर हमला बोलते हुए उनको कट्टर चोर बताया।

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Charges of corruption will be fixed on three including the chairperson of the Women Commission in Delhi
डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अदालत ने दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और तीन अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार व आपराधिक साजिश के आरोप तय करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा, मालीवाल के अलावा आयोग की पूर्व सदस्य प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। सभी पर पद का दुरुपयोग कर आयोग में आप कार्यकर्ताओं की नियुक्ति का आरोप है।

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अब इसी मामले को लेकर दिल्ली भाजपा स्वाति मालीवाल को लेकर हमलावर हो गई है। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने दिल्ली सीएम से मालीवाल को तुरंत हटाने की मांग की है। भाजपा नेता बग्गा ने ट्विटर के जरिये दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल पर हमला बोलते हुए उनको कट्टर चोर बताया।

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दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला ने कहा कि 2015 के बाद दिल्ली महिला आयोग में नियमानुसार नियुक्तियां नहीं की गईं। बड़ी मात्रा में वेतन दिया जाता है। यह आप का धोखा है। नियुक्तियों के शिक्षा के स्तर और सामाजिक कार्य अनुभव की जांच नहीं की गई।




 
बता दें कि विशेष न्यायाधीश डीआईजी विनय सिंह ने कहा कि डीसीडब्ल्यू की विभिन्न तारीखों पर आयोजित बैठकों के कार्य का अवलोकन करने से साफ है कि चारों अभियुक्तों ने हस्ताक्षर किए थे। ऐसे में प्रथमदृष्टया मजबूत संदेह की ओर इशारा करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि विचाराधीन नियुक्तियां अभियुक्तों ने की थीं। मालीवाल के अलावा तीनों अभियुक्तों में से किसी ने भी अवैध नियुक्तियों पर कभी आपत्ति नहीं की और न ही असहमति का नोट दिया। बल्कि उन बैठकों में सर्वसम्मति से निर्णय किए जाने का दावा किया गया था।

 

90 नियुक्तियों का आरोप
डीसीडब्ल्यू की पूर्व अध्यक्ष व भाजपा की पूर्व विधायक बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मामला दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि 6 अगस्त, 2015 और 1 अगस्त, 2016 के बीच डीसीडब्ल्यू में 90 नियुक्तियां की गईं। इनमें 71 लोगों को अनुबंध जबकि 16 को ‘डायल 181’ संकट हेल्पलाइन के लिए नियुक्त किया गया।

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