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विदेशी तब्लीगी जमातियों के मामले साकेत कोर्ट में स्थानांतरित
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने तब्लीगी जमातियों के खिलाफ विचाराधीन सभी मामलों को साकेत जिला अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। विदेशी जमातियों ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद करने के लिए कई याचिकाएं दायर की थीं। हालांकि इन याचिकाओं को वापस ले लिया गया।
न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकल पीठ ने विदेशियों के खिलाफ अन्य अदालतों में विचाराधीन मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए उन्हें साकेत कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी के समक्ष स्थानांतरित करने का आदेश दिया ताकि इनकी सुनवाई जल्द पूरी हो तथा वे अपने देश वापस लौट सकें। इनमें से कई मामलों में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं।
हालांकि इनमें से तीन मामलों में निचली अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान नहीं लिया था और न ही समन जारी किया था। इन मामलों में निर्देश लेने के लिए दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कोर्ट से समय मांगा है। केंद्र सरकार के वकीलों ने कहा कि इनके खिलाफ लुक आउट कॉर्नर नोटिस जारी हैं। अगर दिल्ली पुलिस इन मामलों को बंद कर एलओसी रद करने के लिए कहती है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है।
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इन विदेशियों के खिलाफ निजामुद्दीन मरकज में अवैध रूप से तब्लीगी जमात में मिशनरी गतिविधियों में शामिल होने, वीजा नियमों के उल्लंघन और कोविड-19 महामारी को लेकर जारी सरकारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन के आरोपों के तहत मामले दर्ज किए गए।
हालांकि इन विदेशी जमातियों ने साकेत कोर्ट में समझौता याचिका दायर करके अपना गुनाह कबूल कर लिया था। इसके बाद अदालत ने जुर्माना लगाकर उन्हें रिहा कर दिया था, लेकिन इसी मामले में अन्य पुलिस थानों में दर्ज दूसरी एफआईआर के लंबित होने के कारण वे अपने देश नहीं लौट पाए। इन एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
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न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकल पीठ ने विदेशियों के खिलाफ अन्य अदालतों में विचाराधीन मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए उन्हें साकेत कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी के समक्ष स्थानांतरित करने का आदेश दिया ताकि इनकी सुनवाई जल्द पूरी हो तथा वे अपने देश वापस लौट सकें। इनमें से कई मामलों में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं।
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हालांकि इनमें से तीन मामलों में निचली अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान नहीं लिया था और न ही समन जारी किया था। इन मामलों में निर्देश लेने के लिए दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कोर्ट से समय मांगा है। केंद्र सरकार के वकीलों ने कहा कि इनके खिलाफ लुक आउट कॉर्नर नोटिस जारी हैं। अगर दिल्ली पुलिस इन मामलों को बंद कर एलओसी रद करने के लिए कहती है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है।
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इन विदेशियों के खिलाफ निजामुद्दीन मरकज में अवैध रूप से तब्लीगी जमात में मिशनरी गतिविधियों में शामिल होने, वीजा नियमों के उल्लंघन और कोविड-19 महामारी को लेकर जारी सरकारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन के आरोपों के तहत मामले दर्ज किए गए।
हालांकि इन विदेशी जमातियों ने साकेत कोर्ट में समझौता याचिका दायर करके अपना गुनाह कबूल कर लिया था। इसके बाद अदालत ने जुर्माना लगाकर उन्हें रिहा कर दिया था, लेकिन इसी मामले में अन्य पुलिस थानों में दर्ज दूसरी एफआईआर के लंबित होने के कारण वे अपने देश नहीं लौट पाए। इन एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।