फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Case related to gay marriage citizens' rights: High Court

समलैंगिक विवाह नागरिकों के अधिकार से जुड़ा मामला : हाईकोर्ट

Thu, 15 Oct 2020 01:42 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2020 01:42 AM IST
विज्ञापन
Case related to gay marriage citizens' rights: High Court
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। समलैंगिक दो जोड़ों की ओर से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि यह नागरिकों के अधिकार से जुड़ा मामला है।
विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और प्रतीक जालान की पीठ द्वारा केंद्र को जारी नोटिस में कहा गया है कि यह कोई साधारण याचिका नहीं है, इसलिए केंद्र सरकार के प्रतिनिधि इस मामले को गंभीरता से लें। यह नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा सवाल है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अधिवक्ता अरुंधति काटजू व अन्य ने पीठ के समक्ष दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान रजिस्ट्रार के वकील ने कहा कि सनातन धर्म के पांच हजार साल के इतिहास में इस प्रकार का मामला सामने नहीं आया है। पीठ ने अगली सुनवाई 8 जनवरी 2021 के लिए सूचीबद्ध कर दी है।
विज्ञापन

महिलाएं बोलीं, कई अधिकारों के लिए करता पड़ता है संघर्ष
एक याचिका महिला जोड़े की ओर से दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि वे दोनों आठ साल से साथ रह रही हैं और एक-दूसरे से प्यार करती हैं। दोनों साथ मिलकर जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं, मगर वे विवाह नहीं कर सकती हैं। क्योंकि, दोनों महिला हैं। दोनों महिलाओं (47 और 36 वर्ष) ने कहा कि सामान्य विवाहित जोड़े के लिए जो बातें सरल होती हैं, जैसे- संयुक्त बैंक खाता खुलवाना, परिवार स्वास्थ्य बीमा लेना आदि, उन्हें इसके लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। संविधान का अनुच्छेद-21 अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने के अधिकार की रक्षा करता है और यह अधिकार विषम लिंगी जोड़ों की तरह ही समलैंगिक जोड़ों पर भी पूरी तरह लागू होता है। याचिका में उन्होंने कालकाजी के एसडीएम को कानून के तहत उनका विवाह पंजीकृत करने का आदेश देने की भी मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुरुषों की दलील, हम कर चुके हैं विवाह
दूसरी याचिका एक समलैंगिक पुरुष जोड़े की ओर से दायर की गई है। दोनों का कहना है कि उन्होंने न्यूयॉर्क में विवाह किया था, लेकिन समलैंगिक होने के कारण भारतीय वाणिज्य दूतावास ने विदेशी विवाह अधिनियम, 1969 के तहत उनकी शादी का पंजीकरण नहीं किया। उन्होंने याचिका में अपनी शादी का पंजीकरण करने का आदेश देने की मांग की है। उनकी मांग है कि समलैंगिक विवाह को सरकार द्वारा मान्यता दी जाए और विशेष विवाह अधिनियम और विदेशी विवाह अधिनियम के प्रावधानों के तहत शामिल किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed