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नकली इंजेक्शन और दवाओं का मामला : केजीएमयू से एमबीबीएस है सरगना अल्तमश
Mon, 21 Jun 2021 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 21 Jun 2021 06:34 AM IST
सार
- आरोपी ने एम्स से न्यूरोलॉजी में किया हुआ है डिप्लोमा
- इसके अलावा वह अभी हयात हेल्थ इंश्योरेंस एंड फार्मेसी का नेशनल सीईओ भी है
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्लैक फंगस और कोरोना के इंजेक्शन व दूसरी जीवन रक्षक दवाइयों को नकली बनाने वाले आरोपी डॉ. अलतमश हुसैन ने 2012 में लखनऊ के नामी केजीएम कॉलेज से एमबीबीएस किया है। इसके बाद अगले ही साल उसने दिल्ली के एम्स से न्यूरोलॉजी में डिप्लोमा किया। पढ़ाई के बाद आरोपी ने हयात हेल्थ इंश्योरेंस एंड फार्मेसी के नाम से कंपनी खोल ली जिसका यह सीईओ बन गया।
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इसके बाद लगातार यह नकली दवाईयों और धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहा। इसके खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। 29 अप्रैल 2021 को डॉ. अलतमश को यूपी क्राइम ब्रांच ने नकली रेमडेसिविर के धंधा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद यह आठ मई को जेल से रिहा हुआ और दोबारा उसी धंधे में लग गया। आरोपी के साथ दिल्ली के अलावा देशभर के कई लोग जुड़े हैं। पुलिस उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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इस गोरखधंधे में दूसरे डॉक्टर आमिर ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमबीबीएस किया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद आरोपी ने दिल्ली और मेरठ के चार बड़े अस्पतालों में नौकरी की। आमिर मूल रूप से स्टेट बैंक कालोनी, हापुड़ यूपी का रहने वाला है। नौकरी करने के बाद इसने सैदुल्लाह जाब इलाके में मेडीज हेल्थ कनेक्ट के नाम से अपनी कंपनी खोल ली।
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बाद में वह डॉ. अलतमश से जुड़कर नकली दवाईयों का धंधा करने लगा। वहीं सेक्टर-35 फरीदाबाद का रहने वाला फैजान आमिर की कंपनी में डायरेक्टर है। उसने मोदीनगर के आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया हुआ है। आफताब अलतमश का छोटा भाई है। वह नकली इंजेक्शन सप्लाई करने में उसकी मदद करता है। शिवम भाटिया डॉ. आमिर की कंपनी में काम करता है।
दूसरी ओर मयंक तालूजा ने बीबीए किया हुआ है। वह सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ था। वह सोशल मीडिया के जरिये इन इंजेक्शन के ऑर्डर लेता था। बाद में जामिया नगर में मेडिकल स्टोर चलाने वाले शुएब खान व इसके सेल्समैन वसीम खान, फैजल, अफजल की मदद से इंजेक्शन लोगों को पहुंचाते थे। पुलिस सभी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।