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कॉल सेंटर संचालक निकले ठग, छह गिरफ्तार
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नई दिल्ली। दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने रिवार्ड पाइंट्स को कैश कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी के लिए गुरुग्राम में कॉल सेंटर चला रहे थे।
दक्षिण जिला डीसीपी बेनीटा मेरी जैकर ने बताया कि पीड़ित घानानंद शर्मा ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर 12 फरवरी को एक मैसेज आया। मैसेज में उनके एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से रिवार्ड पाइंट्स को कैश कराने के लिए लिखा गया था। साथ में ओटीपी भी मांगा था। ओटीपी देने पर उनके बैंक खाते से दो बार में 252758 रुपये निकल गए। जांच में पुलिस को पता लगा कि आरोपी इंटरनेट कॉल वीओआईपी का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने सेक्टर-57 गुरुग्राम में दबिश देकर कॉल सेंटर से छह आरोपियों हैदरपुर निवासी मनसा, मोती नगर निवासी राहुल, ख्याला निवासी विशाल, कर्मपुरा निवासी मीखाइल लॉयल, सुभाष गार्डन दिल्ली निवासी रमनदीप और टैगोर गार्डन, दिल्ली निवासी मयंक को गिरफ्तार कर लिया। मयंक कॉल सेंटर में पार्टनर था। रमनदीप, विशाल, मीखाइल और मनसा टेलीकॉलर थे। राहुल कॉल सेंटर का कुरियर स्टाफ था।
पूछताछ में मयंक ने बताया कि वह टेलीकॉलर्स डाटा से मोबाइल नंबरों पर कॉल करते थे और लोगों को रिवॉर्ड पाइंट्स भुनाने के लिए ओटीपी लेने के लिए आकर्षित करते थे। ओटीपी प्राप्त करने पर वह ऑनलाइन महंगे मोबाइल और सोने के सिक्के खरीदते थे। ऑर्डर में आरोपी अपना पता व मोबाइल नंबर देते थे। इसके बाद सामान लेकर गायब हो जाते थे। इनके कब्जे से 30 व 10 ग्राम वजन के सोने के दो सिक्के, पांच एयरपॉड्स व हैडफोन, एक स्कूटी, लैपटॉप आदि बरामद हुआ।
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दक्षिण जिला डीसीपी बेनीटा मेरी जैकर ने बताया कि पीड़ित घानानंद शर्मा ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर 12 फरवरी को एक मैसेज आया। मैसेज में उनके एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से रिवार्ड पाइंट्स को कैश कराने के लिए लिखा गया था। साथ में ओटीपी भी मांगा था। ओटीपी देने पर उनके बैंक खाते से दो बार में 252758 रुपये निकल गए। जांच में पुलिस को पता लगा कि आरोपी इंटरनेट कॉल वीओआईपी का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने सेक्टर-57 गुरुग्राम में दबिश देकर कॉल सेंटर से छह आरोपियों हैदरपुर निवासी मनसा, मोती नगर निवासी राहुल, ख्याला निवासी विशाल, कर्मपुरा निवासी मीखाइल लॉयल, सुभाष गार्डन दिल्ली निवासी रमनदीप और टैगोर गार्डन, दिल्ली निवासी मयंक को गिरफ्तार कर लिया। मयंक कॉल सेंटर में पार्टनर था। रमनदीप, विशाल, मीखाइल और मनसा टेलीकॉलर थे। राहुल कॉल सेंटर का कुरियर स्टाफ था।
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पूछताछ में मयंक ने बताया कि वह टेलीकॉलर्स डाटा से मोबाइल नंबरों पर कॉल करते थे और लोगों को रिवॉर्ड पाइंट्स भुनाने के लिए ओटीपी लेने के लिए आकर्षित करते थे। ओटीपी प्राप्त करने पर वह ऑनलाइन महंगे मोबाइल और सोने के सिक्के खरीदते थे। ऑर्डर में आरोपी अपना पता व मोबाइल नंबर देते थे। इसके बाद सामान लेकर गायब हो जाते थे। इनके कब्जे से 30 व 10 ग्राम वजन के सोने के दो सिक्के, पांच एयरपॉड्स व हैडफोन, एक स्कूटी, लैपटॉप आदि बरामद हुआ।
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