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दिल्ली-एनसीआर : बेफिक्र होकर ई-वाहन से करेंगे सफर, बजट में है बैटरी स्वैपिंग की नीति तैयार करने का प्रावधान
Wed, 02 Feb 2022 05:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 02 Feb 2022 05:52 AM IST
सार
ई वाहनों का बेड़ा बढ़ने की जताई केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद, स्वच्छ ऊर्जा से होगी कार्बन उत्सर्जन में सालाना कई टन की बचत।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social
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विस्तार
केंद्रीय बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी लाने का प्रस्ताव है। इससे वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नीतिगत बदलाव से बैटरी चार्ज करने की जगह वाहन चालक बैटरी बदलकर अपना सफर जारी रख सकेंगे। बीच सफर में बैटरी चार्ज करने की झंझट से उनको निजात मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर को इसका फायदा खासतौर से इसलिए भी मिलेगा कि दिल्ली सरकार पहले से ही ई-वाहन पॉलिसी पर काम कर रही है। नई नीति आने के बाद ई-वाहनों के बेड़े के विस्तार की योजना में सरकार को बड़ी मिलेगी।
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दरअसल, ई-वाहनों की राह की बड़ी अड़चन बैटरी की चार्जिंग है। बैटरी एक बार पूरी तरह से चार्ज होने के बाद 100-120 किमी की दूरी ही तय कर सकते हैं। लंबे सफर पर इस वाहन से जाना अभी चुनौती भरा रहता है। रास्ते में बैटरी खत्म होने की आंशका हर वक्त बनी रहती है। इसकी काट केंद्र सरकार ने बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी से निकाली है।
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बजट भाषण में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका जिक्र करते हुए कहा कि ई-वाहनों को बढ़ाने के लिए सरकार बैटरी स्वैंपिग पॉलिसी लाने जा रही है। इसके बाद बीच रास्ते में बैटरी बदलने की सुविधा मिलेगी। रास्ते में मिलने वाले स्टेशनों पर वाहन चालक अपनी बैटरी देकर उसी के समान दूसरी बैटरी ले सकेंगे। दूसरी तरफ नीति में बैटरी की कीमत में कमी लाने का भी प्रावधान होगा। ई वाहनों की संख्या में इजाफा से शून्य उत्सर्जन होगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
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सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट(सीएसई) की विशेषज्ञ अनन्या दास के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहनों को बजट में प्रोत्साहित किया गया है। स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले वाहनों से उत्सर्जन शून्य होगा। इससे प्रदूषण से राहत मिलने के साथ ही बैटरी स्वैपिंग सुविधा और बैटरी की कीमत में भी राहत मिलने की उम्मीद है। बैटरी की कीमत में राहत मिलने से ई वाहनों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी होगी। सरकार की कोशिश है कि अगले कुछ वर्षो में देश में इस्तेमाल होने वाली ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा में कैसे बदला जाए। इसके लिए सभी राज्यों में पहल की जा रही है।
बैटरी स्वैपिंग से बढ़ेगी सहूलियतें
ई वाहनों के रिचार्ज के लिए सार्वजनिक स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं। वाहनों के रिचार्ज करने में दो घंटे से अधिक का न्यूनतम वक्त लगता है। बैटरी स्वैपिंग से फायदा यह होगा कि बैटरी को रिचार्ज करवाने की बजाय पूरी तरफ चार्ज की गई दूसरी बैटरी को बदलकर, अपने वाहन में इस्तेमाल किया जाएगा। बैटरी स्वैपिंग की दिशा में दिल्ली सरकार की ईवी नीति में भी प्रावधान किया गया है। इसे और प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि सार्वजनिक के साथ साथ निजी वाहनों में भी बैटरी की अदला बदली करने के बाद वाहनों को आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।
2000 ई-बसें लाने की दिल्ली सरकार की तैयारी
दिल्ली में इस साल पहली इलेक्ट्रिक बस को सड़क पर उतारने के बाद फरवरी में 50 नई ई-बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। अप्रैल तक 300 बसें परिवहन बेड़े में शामिल की जाएंगी। नई बसों के शामिल करने के लिए केंद्र से मिली मंजूरी के बाद दिल्ली में 1500 नई इलेक्ट्रिक बसें भी अगले साल तक दिल्ली की सड़कों पर उतार दी जाएंगी। इसके बाद सीएनजी बसों की खरीद नहीं होगी। 2021 तक दिल्ली में नए खरीदे जाने वाले वाहनों में आठ फीसदी से अधिक वाहन इलेक्ट्रिक थे। दिल्ली में नए चार्जिंग स्टेशन के साथ साथ बैटरी स्वैपिंग के लिए नई नीति के लिए बजट में घोषणा के साथ साथ स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की घोषणा का असर दिल्लीवासियों को बेहतर सुविधाओं के तौर पर मिलेगी। दिल्ली के परिवहन बेड़े में फिलहाल पहली बस सड़क पर है। अगले साल तक जैसे-जैसे बसों का बेड़ा बढ़ेगा, ई-बसों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। एक साल के भीतर इनकी संख्या 2000 के करीब होगी।