{"_id":"601166fc8ebc3e31d70111b9","slug":"budget-2021-fmcg-sector-sees-new-hope-from-budget-organize-webinar","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट 2021 से एफएमसीजी सेक्टर को हैं उम्मीदें, किया वेबिनार का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट 2021 से एफएमसीजी सेक्टर को हैं उम्मीदें, किया वेबिनार का आयोजन
Wed, 27 Jan 2021 06:43 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 27 Jan 2021 06:43 PM IST
विज्ञापन
बजट
- फोटो : अमर उजाला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2021 को केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। ईबीएस इंडिया इंक द्वारा आयोजित बेवीनार में वक्ताओं ने कहा, यह बजट पिछले बजट की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि कोरोनो वायरस ने दुनिया के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया।
विज्ञापन
जिसने जीडीपी दर को नकारात्मक कि ओर धकेल दिया है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि वित्त मंत्री सीतारमण विशेष क्षेत्रों के लिए क्या उपाय, अनुदान और छूट की घोषणा करती हैं। ईबीएस इंडिया इंक की संस्थापक और बिजनेस कंसलटेंट छवि हेमंत का मानना है कि बजट में उपभोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ऐसे अनुदान लाने चाहिएं जिससे खपत को बढ़ावा देने में मदद मिले।
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था में चौथा सबसे बड़े क्षेत्र एफएमसीजी उद्योग को वापस पटरी पर लाने के लिए वित्त मंत्री को बजट में खुदरा विक्रेता और निर्माता के बीच अधिक बिकने वाले स्थानों, ई-कॉमर्स, डायरेक्ट सेलिंग, प्रमोशन आदि उपाय करने चाहिए जिससे उपभोक्ताओं और निर्मातों का विश्वास वापस लौट सके।
विज्ञापन
एल्टॉस एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभिषेक गुप्ता उम्मीद करते हैं कि केंद्रीय बजट 2021 को दो केंद्रीय विषयों, आर्थिक विकास और सामाजिक ताने-बाने के साथ बुना जाएगा। उनका मानना है कि भारतीय व्यवसायों और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक स्पष्ट जोर देने के लिए कदम उठाने चाहिए। विशेष रूप से डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर के लिए, आम लोगों के कौशल विकास के लिए एक बजट आवंटन हो जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए छूट मिले जिससे यह डायरेक्टर सेलिंग उद्योग को 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर तक ले जाए। एमएसएमई, ग्रामीण भारत के लिए एक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा होनी चाहिए और महिलाओं के आयकर स्लैब अनुपात को कम करने और परिवार को चलाने के लिए अधिक नकदी मिल सके।