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Umeed ki Mashal : बुद्ध की करुणा और दया से मिली प्रेरणा, उम्मीद की मशाल लेकर जगा रहे शिक्षा की अलख
Mon, 20 Jun 2022 05:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 20 Jun 2022 05:48 AM IST
सार
काम के दौरान जब दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग की नौकरी बाधा बनती दिखी तो उसको छोड़ने में देर नहीं लगाई। दफ्तर जाने की जगह इन्होंने जरूरतमंद लोगों के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया।
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भंते संघप्रिय राहुल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महात्मा बुद्ध की करुणा और दया ने इस कदर प्रेरित किया कि शिक्षा विभाग की जमी-जमाई नौकरी भी भंते संघप्रिय राहुल को रास नहीं आई। कोविड काल में जब बच्चे शिक्षा से दूर होते जा रहे थे, तब इन्होंने उनको शिक्षित करने का बीड़ा उठाया।
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काम के दौरान जब दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग की नौकरी बाधा बनती दिखी तो उसको छोड़ने में देर नहीं लगाई। दफ्तर जाने की जगह इन्होंने जरूरतमंद लोगों के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया।
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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में जन्मे भंते राहुल इन दिनों दिल्ली में गरीब बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं। इतना ही नहीं, शहर की ट्रैफिक लाइट पर नशा करने वालों को प्रेरित कर रहे हैं कि वह अपने बच्चों को शिक्षित करें।
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8वीं कक्षा तक के बच्चों को ट्यूशन दे रही टीम
भारतीय बौद्ध संघ से जुड़े भंते राहुल का कहना है कि भगवान बुद्ध की करुणा और दया से प्रेरित होकर सिद्धार्थ नगर छोड़ा, ताकि गरीबों के बच्चों के भविष्य को संवार सकें। करोल बाग, नांगलोई, यमुना पार की 10 जगहों पर कमरे लेकर 8वीं क्लास तक के बच्चों को उनकी टीम ट्यूशन देती है। जब बच्चे पढ़ने में अच्छे हो जाते हैं तो उनका दाखिला ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत प्राइवेट स्कूूलों में कराने का प्रयास करते है।ं फिलहाल 450 बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।
वृद्धा आश्रम खोलने की भी योजना
बच्चों की शिक्षा के बाद अब बुजुर्गों के लिए वृद्धा आश्रम खोलने की योजना बना रहे हैं। अगस्त-सितंबर में बदरपुर इलाके से इसकी शुरुआत करेंगे। भंते राहुल का कहना है कि दिल्ली में कई ऐसे बुजुर्ग हैं जिन्हें इसकी जरूरत है। वह एकाकी जीवन व्यतीत करते हैं।
संघ में दिए गए चंदे से समाज को दे रहे दिशा
भारती बौद्ध संघ में कई तरह के लोग चंदा देते हैं। इस संघ से हजारों लोग जुड़े हैं जो कुछ रकम महीने में भेजते हैं। इसी चंदे से एकत्रित पैसे से समाज को दिशा देने का छोटा प्रयास है। अभियान के तहत पर्यावरण को भी बेहतर रखने के लिए पीपल का पेड़ लगाते हैं। प्रशासनिक सेवा के कई लोग इस संस्था से जुड़े हुए हैं। आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी बच्चों को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।