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जबरन धर्म परिवर्तन की पीड़िता को कश्मीर से दिल्ली लेकर आए
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नई दिल्ली। कश्मीर में जबरन धर्म परिवर्तन की पीड़िता मनमीत कौर को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की टीम मंगलवार को दिल्ली लेकर पहुंची। एयरपोर्ट से वह सीधे गुरुद्वारा बंगला साहिब मत्था टेकने गईं और गुुरु साहिब का आशीर्वाद लिया।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में सिरसा ने कहा कि सिख लड़कियों के साथ कश्मीर ही नहीं, दुनिया के किसी भी हिस्से में अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी के मन में इस संबंध में कोई भ्रम है तो वह दूर कर ले। सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब के आशीर्वाद के कारण इस मामले में फतेह हासिल करके ही लौटेंगे और गुरु साहिब की बख्शीश के कारण दोनों लड़कियां सिख परिवारों के पास वापस लौट आई हैं। उन्होंने बताया कि मनमीत कौर उनके साथ दिल्ली आई हैं, ताकि गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त कर सके।
सिरसा ने बताया कि एक तरफ तो यह दावा किया गया कि 2012 में लड़की ने धर्म परिवर्तन कर लिया था व 2014 में उसने विवाह कर लिया, जबकि वास्तविकता ये है कि 2021 तक लड़की अपने माता-पिता के घर रह रही थी। देश का कानून भी यही कहता है कि अगर लड़का व लड़की दो साल से अलग रह रहे हैं, तो वह पति-पत्नी नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि पूरी बात को घुमा फिराकर कहा गया। मनमीत को कश्मीर में अगवा किया गया और धर्म परिवर्तन करा जबरन विवाह का शिकार बनाया गया।
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एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार
मनमीत कौर को लेकर जैसे ही सिरसा दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकले, तो समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। समर्थन में जमकर नारे लगाए गए तो भीड़ इतनी इकट्ठी हो गई कि एयरपोर्ट प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग कराना भारी पड़ा। स्वागत करने पहुंचे सिख समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया है। पुलिस की मशक्कत के बावजूद कोई मानने को तैयार नहीं था। किसी तरह से पुलिस प्रशासन ने मनमीत कौर को वाहन में बिठाकर गुरुद्वारे की तरफ रवाना किया।
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एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में सिरसा ने कहा कि सिख लड़कियों के साथ कश्मीर ही नहीं, दुनिया के किसी भी हिस्से में अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी के मन में इस संबंध में कोई भ्रम है तो वह दूर कर ले। सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब के आशीर्वाद के कारण इस मामले में फतेह हासिल करके ही लौटेंगे और गुरु साहिब की बख्शीश के कारण दोनों लड़कियां सिख परिवारों के पास वापस लौट आई हैं। उन्होंने बताया कि मनमीत कौर उनके साथ दिल्ली आई हैं, ताकि गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त कर सके।
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सिरसा ने बताया कि एक तरफ तो यह दावा किया गया कि 2012 में लड़की ने धर्म परिवर्तन कर लिया था व 2014 में उसने विवाह कर लिया, जबकि वास्तविकता ये है कि 2021 तक लड़की अपने माता-पिता के घर रह रही थी। देश का कानून भी यही कहता है कि अगर लड़का व लड़की दो साल से अलग रह रहे हैं, तो वह पति-पत्नी नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि पूरी बात को घुमा फिराकर कहा गया। मनमीत को कश्मीर में अगवा किया गया और धर्म परिवर्तन करा जबरन विवाह का शिकार बनाया गया।
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एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार
मनमीत कौर को लेकर जैसे ही सिरसा दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकले, तो समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। समर्थन में जमकर नारे लगाए गए तो भीड़ इतनी इकट्ठी हो गई कि एयरपोर्ट प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग कराना भारी पड़ा। स्वागत करने पहुंचे सिख समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया है। पुलिस की मशक्कत के बावजूद कोई मानने को तैयार नहीं था। किसी तरह से पुलिस प्रशासन ने मनमीत कौर को वाहन में बिठाकर गुरुद्वारे की तरफ रवाना किया।