{"_id":"68cabaf48acb832df600b179","slug":"bmw-accident-notice-issued-to-preserve-cctv-footage-ashram-news-c-340-1-del1011-105230-2025-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएमडब्ल्यू हादसा: सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने का नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएमडब्ल्यू हादसा: सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने का नोटिस जारी
विज्ञापन
बीएमडब्ल्यू हादसा: सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने का नोटिस जारी
-आरोपी महिला चालक गगनप्रीत कौर की न्यायिक हिरासत 27 सितंबर तक बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने धौला कुआं में हुए बीएमडब्ल्यू कार हादसा मामले में आरोपी महिला गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका पर सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने का नोटिस जारी किया है, ताकि भविष्य में जांच में कोई विवाद उत्पन्न न हो। इस याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग प्रथम श्रेणी ने इसके साथ ही जांच अधिकारी को केस डायरी कोर्ट में पेश करने को कहा है। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 20 सितंबर तय की। कोर्ट ने जांच अधिकारी को कहा कि मामले में केस डायरी को पृष्ठवार क्यों नहीं किया गया, इसकी सफाई दी जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केस डायरी में पृष्ठ क्रमांक का होना जरूरी है ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। अदालत ने महिला की न्यायिक हिरासत भी 27 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी।
सुनवाई के दौरान आरोपी महिला की ओर से पेश वकील ने गगनप्रीत कौर की ओर से पेश होकर दलील दी कि डीसीपी और घटनास्थल पर मौजूद दो सार्वजनिक गवाहों को इस केस में गवाह बनाया जाए। वकील ने कहा कि कौर ने मृतक वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह की मदद के लिए खुद वैन रोकी थी। अस्पताल ले गईं। उन्होंने तर्क दिया कि नवजोत सिंह को अस्पताल पहुंचाने में कुल 21 मिनट का समय लगा, जो पूरी तरह से इमरजेंसी का समय माना गया। वकील ने तर्क दिया कि मामले में प्राथमिकी 10 घंटे बाद दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वास्तविक साक्ष्य एकत्रित किए जाने चाहिए। वहीं, जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कौर घायल नवजोत सिंह को अस्पताल ले जाती दिख रही हैं। जांच अधिकारी ने यह भी कहा कि गगनप्रीत कौर खुद गंभीर रूप से घायल नहीं थी, वह चलती-फिरती नजर आ रही हैं। जांच अधिकारी ने ये भी कहा कि अस्पताल प्रबंधक आरोपी का रिश्तेदार है।
शिकायतकर्ता की ओर से वकील ने दलील दी कि आरोपी महिला गगनप्रीत इतनी तेज गाड़ी चला रही थी कि गाड़ी पलट गई। इसके बाद गगनप्रीत कौर ने जानबूझकर नवजोत सिंह को नजदीकी अस्पताल के बजाय दूर के अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि पास में अन्य बेहतर सुविधायुक्त अस्पताल मौजूद था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी एमएलसी रिपोर्ट तैयार की जा रही थी, आरोपी महिला ने घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना नहीं दी, जिससे सुबूत मिटाने की आशंका बनी है। वहीं, मामले की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) ने कहा कि उन्हें अभी तक जांच अधिकारी से केस की पूरी जानकारी नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
-आरोपी महिला चालक गगनप्रीत कौर की न्यायिक हिरासत 27 सितंबर तक बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने धौला कुआं में हुए बीएमडब्ल्यू कार हादसा मामले में आरोपी महिला गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका पर सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने का नोटिस जारी किया है, ताकि भविष्य में जांच में कोई विवाद उत्पन्न न हो। इस याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग प्रथम श्रेणी ने इसके साथ ही जांच अधिकारी को केस डायरी कोर्ट में पेश करने को कहा है। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 20 सितंबर तय की। कोर्ट ने जांच अधिकारी को कहा कि मामले में केस डायरी को पृष्ठवार क्यों नहीं किया गया, इसकी सफाई दी जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केस डायरी में पृष्ठ क्रमांक का होना जरूरी है ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। अदालत ने महिला की न्यायिक हिरासत भी 27 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी।
सुनवाई के दौरान आरोपी महिला की ओर से पेश वकील ने गगनप्रीत कौर की ओर से पेश होकर दलील दी कि डीसीपी और घटनास्थल पर मौजूद दो सार्वजनिक गवाहों को इस केस में गवाह बनाया जाए। वकील ने कहा कि कौर ने मृतक वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह की मदद के लिए खुद वैन रोकी थी। अस्पताल ले गईं। उन्होंने तर्क दिया कि नवजोत सिंह को अस्पताल पहुंचाने में कुल 21 मिनट का समय लगा, जो पूरी तरह से इमरजेंसी का समय माना गया। वकील ने तर्क दिया कि मामले में प्राथमिकी 10 घंटे बाद दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वास्तविक साक्ष्य एकत्रित किए जाने चाहिए। वहीं, जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कौर घायल नवजोत सिंह को अस्पताल ले जाती दिख रही हैं। जांच अधिकारी ने यह भी कहा कि गगनप्रीत कौर खुद गंभीर रूप से घायल नहीं थी, वह चलती-फिरती नजर आ रही हैं। जांच अधिकारी ने ये भी कहा कि अस्पताल प्रबंधक आरोपी का रिश्तेदार है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता की ओर से वकील ने दलील दी कि आरोपी महिला गगनप्रीत इतनी तेज गाड़ी चला रही थी कि गाड़ी पलट गई। इसके बाद गगनप्रीत कौर ने जानबूझकर नवजोत सिंह को नजदीकी अस्पताल के बजाय दूर के अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि पास में अन्य बेहतर सुविधायुक्त अस्पताल मौजूद था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी एमएलसी रिपोर्ट तैयार की जा रही थी, आरोपी महिला ने घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना नहीं दी, जिससे सुबूत मिटाने की आशंका बनी है। वहीं, मामले की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) ने कहा कि उन्हें अभी तक जांच अधिकारी से केस की पूरी जानकारी नहीं मिली है।
विज्ञापन