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कालाबाजारी ने बढ़ाए शराब के दाम, अंग्रेजी के शौकीन चला रहे देशी से काम
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नई दिल्ली। नई आबकारी नीति ने शराब के शौकीनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सरकारी शराब की दुकानें बंद होने से शराब खरीदने के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि चार-पांच किलोमीटर की दूरी तय कर शराब की दुकान तक पहुंच रहे हैं तो अंग्रेजी शराब नहीं मिलने पर देशी ही खरीद रहे है। साथ ही कालाबाजारी भी बढ़ गई है। कई लोग बैग में शराब भरकर बंद दुकानों के सामने दिखाई पड़ रहे हैं तो दोगुनी कीमत पर शराब की बिक्री कर रहे हैं। हैरत की बात है कि शराब नकली है या असली इसकी जानकारी लिए बगैर शराब के शौकीन इसे खरीदने से परहेज नहीं कर रहे। शुक्रवार को ड्राई डे होने की वजह से बृहस्पतिवार को शराब की जमकर खरीदारी हुई।
कई किलोमीटर दूर खुली हैं दुकानें
नई आबकारी नीति लागू तो हो गई, लेकिन सभी आवंटित लाइसेंस वाली दुकानें दूसरे दिन भी नहीं खुलीं। स्टॉक कम होने की वजह से शराब दुकानों पर नहीं पहुंच सकी। ऐसी स्थिति में लोगों को चार-पांच किलोमीटर दूरी तय कर अन्य दुकानों पर पहुंचना पड़ रहा है। मुखर्जी नगर स्थित बत्रा कांप्लेक्स में 6 से अधिक शराब की दुकानें थी। इसी तरह एक किलोमीटर की परिधि में दर्जनों शराब की निजी व सरकारी दुकानें थीं, लेकिन अब यहां के लोगों को मॉडल टाऊन पहुंचकर शराब खरीदने की मजबूरी है।
शराब की कालाबाजारी भी कम नहीं
सरकारी व निजी शराब की दुकानें बंद तो हैं, लेकिन ठीक उसके सामने शराब की बिक्री की जा रही है। शाम ढलते ही इलाके के कई लोग सक्रिय हो जाते हैं। जैसे ही कोई बंद दुकान से लौटता है उसे आवाज देकर शराब की कालाबाजारी करने वाले बुलाते हैं और फिर महंगे दाम पर शराब मुहैया करा रहे हैं। इस तरह का नजारा मुखर्जी नगर स्थित बत्रा सिनेमा कांप्लेक्स के समीप आसानी से दिख जाएगा। मजे की बात है कि इस तरह के शराब बिक्री करने वाले अपना मोबाइल नंबर भी वितरित कर कह रहे हैं कि जहां भी जरूरत हो वहां शराब की खेप पहुंचा सकते हैं। वहीं कहीं-कहीं देशी शराब की दुकानें खुली होने की वजह से जो अंग्रेजी शराब पीने के शौकीन हैं, वह देशी शराब को ही खरीदकर सेवन करने में गुरेज नहीं कर रहे हैं।
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रेस्तरां में भीड़, बीयर की होने लगी कमी
शराब की कम दुकानों के खुलने की वजह से रेस्तरां व बार में भीड़ बढ़ गई है। रात 1 बजे तक बड़े-बड़े रेस्तरां व डिस्को बार में शराब का सेवन करने लोग पहुंच रहे हैं। नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सदस्य संतोष जिंदल ने बताया कि शराब की दुकानें बंद होने से बार में पहले की अपेक्षा ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं। व्हीस्की का तो स्टॉक भरपूर है, लेकिन बीयर की किल्लत होने लगी है।
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कई किलोमीटर दूर खुली हैं दुकानें
नई आबकारी नीति लागू तो हो गई, लेकिन सभी आवंटित लाइसेंस वाली दुकानें दूसरे दिन भी नहीं खुलीं। स्टॉक कम होने की वजह से शराब दुकानों पर नहीं पहुंच सकी। ऐसी स्थिति में लोगों को चार-पांच किलोमीटर दूरी तय कर अन्य दुकानों पर पहुंचना पड़ रहा है। मुखर्जी नगर स्थित बत्रा कांप्लेक्स में 6 से अधिक शराब की दुकानें थी। इसी तरह एक किलोमीटर की परिधि में दर्जनों शराब की निजी व सरकारी दुकानें थीं, लेकिन अब यहां के लोगों को मॉडल टाऊन पहुंचकर शराब खरीदने की मजबूरी है।
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शराब की कालाबाजारी भी कम नहीं
सरकारी व निजी शराब की दुकानें बंद तो हैं, लेकिन ठीक उसके सामने शराब की बिक्री की जा रही है। शाम ढलते ही इलाके के कई लोग सक्रिय हो जाते हैं। जैसे ही कोई बंद दुकान से लौटता है उसे आवाज देकर शराब की कालाबाजारी करने वाले बुलाते हैं और फिर महंगे दाम पर शराब मुहैया करा रहे हैं। इस तरह का नजारा मुखर्जी नगर स्थित बत्रा सिनेमा कांप्लेक्स के समीप आसानी से दिख जाएगा। मजे की बात है कि इस तरह के शराब बिक्री करने वाले अपना मोबाइल नंबर भी वितरित कर कह रहे हैं कि जहां भी जरूरत हो वहां शराब की खेप पहुंचा सकते हैं। वहीं कहीं-कहीं देशी शराब की दुकानें खुली होने की वजह से जो अंग्रेजी शराब पीने के शौकीन हैं, वह देशी शराब को ही खरीदकर सेवन करने में गुरेज नहीं कर रहे हैं।
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रेस्तरां में भीड़, बीयर की होने लगी कमी
शराब की कम दुकानों के खुलने की वजह से रेस्तरां व बार में भीड़ बढ़ गई है। रात 1 बजे तक बड़े-बड़े रेस्तरां व डिस्को बार में शराब का सेवन करने लोग पहुंच रहे हैं। नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सदस्य संतोष जिंदल ने बताया कि शराब की दुकानें बंद होने से बार में पहले की अपेक्षा ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं। व्हीस्की का तो स्टॉक भरपूर है, लेकिन बीयर की किल्लत होने लगी है।