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भाजपा नेता पानी पीकर कोस रहे... दिल्ली में कांग्रेस पार्टी ने हरा दिया
Tue, 11 Feb 2020 06:26 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 11 Feb 2020 06:26 PM IST
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दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 7 सीटें पाने की उम्मीद ने भाजपा नेताओं को खीझ से भर दिया है। वह अपनी खीझ अब कांग्रेस पार्टी पर उतार रहे हैं। भाजपा के नेताओं का कहना है कि दिल्ली में कांग्रेस चुनाव ही नहीं लड़ी। आम आदमी पार्टी के सामने सरेंडर कर दिया। भाजपा उपाध्यक्ष श्याम जाजू भी सीधे भाजपा को कोसते नजर आए।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा की सीट भी बढ़ी और वोट प्रतिशत भी लेकिन कांग्रेस तो समर्पण कर गई। प्रकाश जावड़ेकर की टीम की एनालिसिस भी यही है। सभी का कहना है कि आम आदमी पार्टी को कांग्रेस ने थाली में सत्ता परोसकर दे दी है।
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भाजपा के नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल, प्रवक्ता गौरव भाटिया, शहनवाज हुसैन सभी का एक सुर में कहना है कि कांग्रेस मुक्त भारत की तरफ बढ़ रही है। भाजपा के राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र नागर का कहना है कि मोदी जी का कांग्रेस मुक्त अभियान आगे बढ़ रहा है। दिल्ली में कांग्रेस उसी राह पर है। यहां उसकी हालत यूपी जैसी हो गई है। भाजपा नेता अजय अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस थोड़ा भी चुनाव लड़ती तो भाजपा की जीत तय थी।
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60 सीट पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत जब्त
भाजपा के प्रदेश कार्यालय के सूत्र की मानें तो 60 सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। उन्हें सम्मान बचाने लायक भी वोट नहीं मिले। परवेज हाशमी, मतीन अहमद, कृष्णा तीरथ, डा. अशोक कुमार वालिया, अरविंदर सिंह लवली जैसे नेता भी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। अलका लांबा भी चुनाव हार गईं।
भाजपा के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के अलावा बसपा का भी बुरा हाल रहा। उसके प्रत्याशियों को सैकड़ा में वोट मिले हैं। भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि पूरा चुनाव केवल आम आदमी पार्टी और भाजपा ने लड़ा है।
भाजपा के आईटी सेल के सूत्र का कहना है कि वोट का प्रतिशत भी केवल भाजपा का बढ़ा है। हमें विधानसभा चुनाव में आठ प्रतिशत अधिक वोट मिले हैं। इस चुनाव में 40 प्रतिशत मतदाताओं ने भाजपा में भरोसा जताया है। कांग्रेस को पांच प्रतिशत, आम आदमी पार्टी को एक प्रतिशत कम वोट मिला है।