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बहादुरगढ़: नीति आयोग का चेयरमैन बनवाने का झांसा देकर ठगे साढ़े 99 लाख, पांच पर केस दर्ज
Sun, 29 Aug 2021 10:24 AM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 29 Aug 2021 10:24 AM IST
सार
जुलाई में राकेश को पता चला कि प्रवीण लोगों से धोखाधड़ी करके रुपये ठगता है और ऐसे ही मामलों में दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ा है। फिलहाल जेल में बंद है।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
बहादुरगढ़ में नीति आयोग का चेयरमैन बनवाने का झांसा देकर शातिरों ने बहादुरगढ़ के एक अधिवक्ता को साढ़े 99 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित की शिकायत पर दिल्ली निवासी पति-पत्नी समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी व धमकी देने सहित कई आरोपों में केस दर्ज हुआ है।
शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश सिंह ने बताया कि जयवीर नाम के एक शख्स के साथ उसकी पहचान थी। नवंबर 2020 में जयवीर ने राकेश की मुलाकात दिल्ली के निवासी प्रवीण से कराई। साथ ही ये कहा कि प्रवीण के बड़े नेताओं और उच्चाधिकारियों के साथ अच्छे संबंध हैं।
इसके बाद प्रवीण, उसकी पत्नी सुषमा और जयवीर बहादुरगढ़ में राकेश से मिलने आए। इन लोगों ने राकेश को विश्वास में ले लिया और कहा कि वे उसे नीति आयोग में चेयरमैन बनवा सकते हैं। इसकी 100 प्रतिशत गारंटी है लेकिन दो करोड़ रुपये देने होंगे। एक करोड़ पहले देने हैं, बाकी एक करोड़ रुपये चेयरमैन बनने के बाद देने होंगे।
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पहले 30 लाख रुपये नकद देने होंगे। यह राशि पार्टी फंड में जाएगी, बाकी चंदे के रूप में जाएगी। राकेश ने नवंबर में ही 30 लाख रुपये गुरुग्राम स्थित एक ऑफिस में दे दिए।
राकेश का कहना है कि कुछ समय बाद प्रवीण ने उन्हें बुलाया और कहा कि हम आपका नियुक्ति पत्र लाएंगे लेकिन एक करोड़ में से बची हुई 70 लाख की राशि मेरे खाते में जमा करानी होगी।
फिर उन्होंने पांच लाख रुपये कपिल रैना के खाते में और 64 लाख 50 हजार रुपये 31 दिसंबर को प्रवीण के खाते में जमा करा दिए। कुछ समय बाद उन्होंने (राकेश ने) जब उनसे नेताओं के साथ मुलाकात कराने को कहा तो वे बोले कि इसके लिए पूरी राशि जमा करानी होगी। मामले में टाल-मटोल होने लगी तो राकेश को संदेह हुआ।
महीनों बीत गए लेकिन स्थिति जस की तस थी। फिर राकेश ने उनसे रुपये वापस मांगने शुरू कर दिए। एक सप्ताह में रुपये वापसी का करार हुआ, लेकिन इसके बाद भी चक्कर कटवाए गए। अभी जुलाई में राकेश को पता चला कि प्रवीण लोगों से धोखाधड़ी करके रुपये ठगता है और ऐसे ही मामलों में दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ा है। फिलहाल जेल में बंद है।
इसके बाद राकेश ने उसके भाई शक्ति से रुपयों को लेकर संपर्क किया तो बदले में जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। सेक्टर-6 थाना प्रभारी नरसिंह का कहना है कि प्रवीण, सुषमा, जयवीर, कपिल और शक्ति पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में जांच चल रही है।
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शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश सिंह ने बताया कि जयवीर नाम के एक शख्स के साथ उसकी पहचान थी। नवंबर 2020 में जयवीर ने राकेश की मुलाकात दिल्ली के निवासी प्रवीण से कराई। साथ ही ये कहा कि प्रवीण के बड़े नेताओं और उच्चाधिकारियों के साथ अच्छे संबंध हैं।
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इसके बाद प्रवीण, उसकी पत्नी सुषमा और जयवीर बहादुरगढ़ में राकेश से मिलने आए। इन लोगों ने राकेश को विश्वास में ले लिया और कहा कि वे उसे नीति आयोग में चेयरमैन बनवा सकते हैं। इसकी 100 प्रतिशत गारंटी है लेकिन दो करोड़ रुपये देने होंगे। एक करोड़ पहले देने हैं, बाकी एक करोड़ रुपये चेयरमैन बनने के बाद देने होंगे।
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पहले 30 लाख रुपये नकद देने होंगे। यह राशि पार्टी फंड में जाएगी, बाकी चंदे के रूप में जाएगी। राकेश ने नवंबर में ही 30 लाख रुपये गुरुग्राम स्थित एक ऑफिस में दे दिए।
राकेश का कहना है कि कुछ समय बाद प्रवीण ने उन्हें बुलाया और कहा कि हम आपका नियुक्ति पत्र लाएंगे लेकिन एक करोड़ में से बची हुई 70 लाख की राशि मेरे खाते में जमा करानी होगी।
फिर उन्होंने पांच लाख रुपये कपिल रैना के खाते में और 64 लाख 50 हजार रुपये 31 दिसंबर को प्रवीण के खाते में जमा करा दिए। कुछ समय बाद उन्होंने (राकेश ने) जब उनसे नेताओं के साथ मुलाकात कराने को कहा तो वे बोले कि इसके लिए पूरी राशि जमा करानी होगी। मामले में टाल-मटोल होने लगी तो राकेश को संदेह हुआ।
महीनों बीत गए लेकिन स्थिति जस की तस थी। फिर राकेश ने उनसे रुपये वापस मांगने शुरू कर दिए। एक सप्ताह में रुपये वापसी का करार हुआ, लेकिन इसके बाद भी चक्कर कटवाए गए। अभी जुलाई में राकेश को पता चला कि प्रवीण लोगों से धोखाधड़ी करके रुपये ठगता है और ऐसे ही मामलों में दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ा है। फिलहाल जेल में बंद है।
इसके बाद राकेश ने उसके भाई शक्ति से रुपयों को लेकर संपर्क किया तो बदले में जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। सेक्टर-6 थाना प्रभारी नरसिंह का कहना है कि प्रवीण, सुषमा, जयवीर, कपिल और शक्ति पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में जांच चल रही है।