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तांत्रिक के कहने पर महिला ने पड़ोसी के बेटे की हत्या कर डाली

Mon, 22 Mar 2021 01:43 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 22 Mar 2021 01:43 AM IST
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At the behest of the tantric, the woman killed the neighbor's son
नई दिल्ली। रिठाला इलाके में बच्चे की चाह में एक महिला ने अंधविश्वास और तांत्रिक के चक्कर में पड़कर पड़ोसी के तीन साल के बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में बंद कर पड़ोसी की छत पर फेंक दिया। पुलिस ने छानबीन करने के बाद बच्चे के शव को बरामद कर महिला को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि शादी के आठ साल बाद भी महिला को कोई बच्चा नहीं है। इसके लिए उसने हरदोई में एक तांत्रिक से मुलाकात की तो उसने एक बच्चे की बलि देने के लिए कहा था। उधर, बच्चे के घर में इस घटना के बाद से कोहराम मचा हुआ है।
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जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि महिला की पहचान मूलत: गांव सुंदाबल, हरदोई, यूपी निवासी नीलम गुप्ता(25) के रूप में हुई है। वह पति पंकज गुप्ता के साथ रिठाला गांव में रहती है। शनिवार शाम रिठाला गांव गली नंबर 18 में तीन साल के पीयूष के लापता होने की जानकारी मिली। उसके पिता दयाराम गुप्ता ने बताया कि पीयूष छत पर था, लेकिन नीचे नहीं आया था। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पड़ोस की छत पर एक बोरा मिला, जो दीवार से सटाकर रखा गया था। इसमें पीयूष का शव मिला। उसकी गर्दन पर निशान थे और होंठ काले पड़ गए थे। शव को कब्जे में करने के बाद पुलिस ने उस मकान में रहने वाले लोगों और पड़ोसियों से पूछताछ शुरू की। इस दौरान पता चला कि बच्चे को अंतिम बार पांचवीं मंजिल पर रहने वाली नीलम के साथ देखा गया था। नीलम ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो बच्चे की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
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बच्चा नहीं होने पर ससुराल वाले देते थे ताना..
नीलम ने बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी पंकज से हुई थी। वह दिल्ली में सब्जी बेचता है। कई साल तक बच्चा नहीं हुआ तो ससुराल वाले उसे ताने देने लगे। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। चार साल पहले वह हरदोई गई थी। वहां उसने एक तांत्रिक से मुलाकात की थी। उसने बच्चा पाने के लिए एक बच्चे की बलि देने का सुझाव दिया। हालांकि वहां से आने के बाद वह एक बच्चे को गोद लेना चाह रही थी, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद उसने पड़ोसी के बच्चे की बलि देने का फैसला किया। वह पीयूष और उसके परिवार से रोज मिलती थी। पीयूष भी कई बार उनके घर पर आया करता था। शनिवार को उसने पीयूष को छत पर अकेला देखा, तो वह अपने कमरे में ले गई और पूजा करने के बाद उसका गला घोंट दिया।
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बच्चे के नीचे नहीं आने पर हुआ शक
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीयूष की तलाश के दौरान पता चला कि घटना से पहले वह छत पर था और नीचे नहीं आया। इसके कुछ ही देर में वह गायब हो गया। पड़ोस की छत पर का शव मिलने के बाद पांचवीं मंजिल पर रहने वाले लोगों पर शक हुआ। पांच मंजिला मकान में करीब 60 कमरे हैं। एक -एक कमरे की तलाशी ली। पानी की टंकी की भी जांच की गई। नीलम के घर की तलाशी के दौरान पूजा किए जाने की साक्ष्य मिले। आसपास के लोगों से उसके बारे में पता चला कि शादी के काफी अरसे बाद भी उसे बच्चा नहीं है। इससे नीलम पर शक गहरा गया। पहले उसके पति से पूछताछ की, तो पता चला कि बच्चा नहीं होने से नीलम काफी परेशान रहती है। इसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर नीलम को हिरासत में लिया।
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बीच मिनट तक छत पर अकेला था पीयूष
दयाराम ने बताया कि वह मूलत: हरदोई के टुंडाबल गांव के रहने वाले हैं। शनिवार सुबह में वह केशवपुरम मंडी गया हुआ था। सुबह नहाने के बाद पीयूष छत पर चला गया। उसकी बहन श्रेष्ठी छत पर पहुंची और उसे नीचे आने का कहकर लौट आई। करीब 20 मिनट तक पीयूष नहीं आया तो श्रेष्ठी दोबारा छत पर पहुंची तो वह नहीं मिला। इसके बाद परिवार वालों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी।

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परिवार में मचा कोहराम
पीयूष की मौत के बाद परिवार में कोहराम छाया हुआ है। उसकी मां का रो-रो कर बुरा हाल है। वह हर पल अपने बच्चे को वापस लाने के लिए गुहार लगा रही है। उसने कहा कि उसे नहीं पता था कि नीलम केे मन में ऐसा कुछ चल रहा है जो उसके परिवार की खुशियों को उजाड़ देगा। आस पास के गांव के होने की वजह से एक दूसरे के घर आना जाना भी था। उसने ऐसी घटना की कल्पना भी नहीं की थी। श्रेष्ठी भी अपने भाई के शव को देखकर खुद को रोक नहीं पाई और उसके शव को गले लगाकर फफक-फफक कर रोने लगी। दयाराम बताते हैं कि भाई-बहन में प्यार था। दोनों हर वक्त एक साथ रहते थे। पीयूष के छत से नीचे नहीं आने पर वह भागकर उसे लेने ऊपर गई थी लेकिन उसे वहां न पाकर मां को इसकी जानकारी दी थी।
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