फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Asthma can be controlled up to 100 percent

Delhi News: अस्थमा हो सकता है 100 फीसदी तक नियंत्रित

Mon, 01 May 2023 10:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 01 May 2023 10:11 PM IST
विज्ञापन
Asthma can be controlled up to 100 percent
अस्थमा हो सकता है 100 फीसदी तक नियंत्रित
विज्ञापन

- प्रदूषण के साथ बढ़ सकती है समस्या , कोविड के बाद बढ़े मामले
- विश्व अस्थमा दिवस पर विशेष -

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अस्थमा को 100 फीसदी तक नियंत्रित किया जा सकता है, हालांकि मरीज को डॉक्टर की सलाह पर इनहेलर व दवाईयों का नियमित इस्तेमाल करना चाहिए। इसे जड़ से खत्म करना फिलहाल मुमकिन नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि एलर्जी, प्रदूषण जैसे कारकों से दमे की समस्या हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि भारत में करीब 20 मिलियन दमा के रोगी हैं। यह आम तौर पर 5 से 11 साल के बीच के बच्चों में भी होता है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. पुलिन गुप्ता ने कहा कि एलर्जी के कारण श्वास नली चोक हो जाती है, जिससे लंग्स तक श्वास सही तरह से नहीं पहुंच पाती। कई बार छाती से सीटी बचने जैसे आवाज आती है। ऐसे मरीजों को धूल, मिट्टी, गंदगी सहित एलर्जी वाले कारकों से दूर रहना चाहिए।
विज्ञापन

वहीं अन्य डॉक्टरों का कहना है कि आबादी के 5 से 10 फीसद को अस्थमा का खतरा रहता है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर देश व प्रदेश में अस्थमा के मरीज ज्यादा होते हैं। प्राइमस में पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर अम्बरीष जोशी ने कहा कि बचने के लिए पानी खूब पिएं और हाइड्रेटेड रहें। अपने साथ एक इन्हेलर हमेशा रखें। इसके अलावा अस्थमा के इलाज में कोई कोताही न बरतें और डॉक्टर से नियमित रूप से जांच कराते रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
बढ़ रहे हैं मामले
एमसीडी में चीफ मेडिकल ऑफिसर (आयुर्वेद) डॉ. आरपी पाराशर ने कहा कि भोजन में जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, रेडी टू ईट फूड आदि भोजन के विभिन्न रूपों के माध्यम से शरीर में जा रहे खतरनाक रसायनों की अत्यधिक मात्रा, फलों व सब्जियों में इंसेक्टिसाइड्स व पेस्टिसाइड्स की मौजूदगी तथा लगातार बढ़ते प्रदूषण जैसे कारणों के चलते अस्थमा के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहले जहां सर्दी के मौसम में अस्थमा के मरीज अधिक आते थे अब प्रदूषण के कारण गर्मियों में भी अस्थमा के अच्छे खासे मरीज आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed