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डूसू चुनाव में कोई भी बन सकता है उम्मीदवार का जमानतदार : कोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के जमानतदार संबंधी नियम को स्पष्ट करते हुए कहा कि डीयू के नियम के तहत एक लाख रुपये चुकाने की क्षमता रखने वाला कोई भी व्यक्ति उम्मीदवार का जमानतदार बन सकता है। इसमें अभिभावक भी शामिल हैं। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के दो कार्यकर्ताओं अनन्या रतूड़ी और अक्षत शिखर की याचिका का निपटारा करते हुए यह स्पष्ट किया। याचिकाकर्ताओं ने डीयू के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें उम्मीदवारों से हर्जाना भरने का हलफनामा जमा करना और माता-पिता के हस्ताक्षर वाला एक लाख रुपये का जमानती बाॅन्ड देना अनिवार्य किया गया था।
पीठ ने कहा कि यह शर्त उचित और सही है। बस इसमें इतना बदलाव किया जा सकता है कि जमानत सिर्फ माता-पिता ही नहीं, बल्कि एक लाख रुपये चुकाने और जमानत देने की स्थिति में रहने वाला कोई भी व्यक्ति दे सकता है। डीयू की ओर से अदालत में कहा गया कि यह शर्त सरकारी संपत्तियों को नुकसान से बचाने के लिए रखी गई है, क्योंकि हर चुनाव के बाद कॉलेज की दीवारें और अन्य संपत्तियां बुरी हालत में रह जाती हैं। स्वजन से बाॅन्ड भरवाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शर्तों का उल्लंघन होने पर आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति पैसे चुकाने की स्थिति में हो। डूसू चुनाव 18 सितंबर को होने हैं। नतीजे 19 सितंबर को आने की उम्मीद है।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के जमानतदार संबंधी नियम को स्पष्ट करते हुए कहा कि डीयू के नियम के तहत एक लाख रुपये चुकाने की क्षमता रखने वाला कोई भी व्यक्ति उम्मीदवार का जमानतदार बन सकता है। इसमें अभिभावक भी शामिल हैं। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के दो कार्यकर्ताओं अनन्या रतूड़ी और अक्षत शिखर की याचिका का निपटारा करते हुए यह स्पष्ट किया। याचिकाकर्ताओं ने डीयू के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें उम्मीदवारों से हर्जाना भरने का हलफनामा जमा करना और माता-पिता के हस्ताक्षर वाला एक लाख रुपये का जमानती बाॅन्ड देना अनिवार्य किया गया था।
पीठ ने कहा कि यह शर्त उचित और सही है। बस इसमें इतना बदलाव किया जा सकता है कि जमानत सिर्फ माता-पिता ही नहीं, बल्कि एक लाख रुपये चुकाने और जमानत देने की स्थिति में रहने वाला कोई भी व्यक्ति दे सकता है। डीयू की ओर से अदालत में कहा गया कि यह शर्त सरकारी संपत्तियों को नुकसान से बचाने के लिए रखी गई है, क्योंकि हर चुनाव के बाद कॉलेज की दीवारें और अन्य संपत्तियां बुरी हालत में रह जाती हैं। स्वजन से बाॅन्ड भरवाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शर्तों का उल्लंघन होने पर आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति पैसे चुकाने की स्थिति में हो। डूसू चुनाव 18 सितंबर को होने हैं। नतीजे 19 सितंबर को आने की उम्मीद है।
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