अलीपुर दीवार दुर्घटना : जल्दबाजी में हुआ हादसा, बगैर सुरक्षा उपकरण काम कर रहे थे मजदूर
हादसे में बाल-बाल बचे मजदूर अपने साथियों को मलबे के नीचे से निकालने में जुट गए, लेकिन वह कामयाब नहीं हुए। आखिर पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य विभागों के कर्मियों की सहायता से अपने साथियों को मलबे में से निकालने में सफल हुए। हालांकि, तब तक उनके पांच साथियों की मौत हो चुकी थी।
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अलीपुर के बकौली गांव के 15 फिट ऊंची दीवार गिरने से पांच मजदूरों की मौत हो गई। जबकि आठ मजदूर घायल हो गए। इसमें से दो की हालत गंभीर है। हादसा उस वक्त हुआ, जब निर्माणाधीन गोदाम की दीवार के नजदीक नींव खुदाई का काम हो रहा था। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची बचाव टीम ने मजदूरों व स्थानीय निवासियों की मदद से 13 लोगों को बाहर निकाला। सभी को नजदीकी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें से पांच मजदूरों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जमीन मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
दूसरे गोदाम के लिए खोद रहे थे नींव
हादसे में घायल मजदूर महावीर ने बताया कि मालिक की जल्दबाजी की वजह से हादसा हुआ है। कुछ दिन पहले ही एक गोदाम की दीवार का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। उस दीवार पर टीन शेड नहीं डाला गया था। इसी दौरान शुक्रवार को दूसरे गोदाम की दीवार बनाने के लिए नींव का काम शुरू कर दिया गया।
काम शुरू होते ही एक तरफ जेसीबी से गड्ढ़ा किया जा रहा था और दूसरी तरफ से मजदूरों को दीवार खड़ी करने के लिए कहा गया। घटना के समय वहां करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। इस दौरान पहले से गोदाम की खड़ी दीवार मजदूरों पर आ गिरी। काम के दौरान उन्हें सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं दिए गए थे। मालिक जल्द से जल्द गोदाम का निर्माण कार्य करवा रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है।
इलाके में अवैध निर्माण, अधिकारी अनजान
अलीपुर के बकौली गांव में ही नहीं, बल्कि आसपास के हमीदपुर, खेड़ा कलां, खुर्द, नांगली पूना, बुढ़पुर, कादीपुर गांव की कृषि भूमि पर अवैध गोदामों का निर्माण कार्य चल रहा है। इस बात से प्रशासन बेखबर नहीं है।
हमीदपुर गांव के रहने वाले किसान जोगिंद्र कुमार का दावा है कि वह दिसंबर 2021 से कृषि भूमि पर बन रहे गोदाम की शिकायत प्रशासन से करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। प्रशासन शिकायत पर कार्रवाई करता तो हादसे को टाला जा सकता था।
जोगिंद्र कुमार ने बताया कि वह दिसंबर 2021 से अलीपुर इलाके में अवैध रूप से बन रहे गोदामों की शिकायत एसडीएम और डीएम से कर चुके हैं, लेकिन इसको लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसकी वजह से इलाके में धड़ल्ले से गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा है। उनका कहना है कि कृषि भूमि पर बिना किसी सरकारी विभाग की अनुमति से गोदाम बनाए जा रहे हैं, इसलिए वहां गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है।
आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है। इन गाड़ियों और निर्माण कार्य से इलाके में धूल उड़ती रहती है, जिसकी वजह से स्थानीय लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कृषि भूमि पर पेड़-पौधे को काटकर इन गोदामों का निर्माण कार्य हो रहा है। छह माह पहले एक निर्माणाधीन गोदाम की दीवार गिरी थी, जिसमें पांच मजदूर घायल हो गए थे, परंतु अब फिर से उस गोदाम का निर्माण जारी है।
जोगिंद्र का कहना है कि जिस जमीन पर गोदाम बनाए जा रहे हैं उसके ऊपर से बिजली की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। ऐसे में कोई हादसा होता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? उनका कहना है कि शुक्रवार को हुए हादसे के लिए अधिकारी जिम्मेदार हैं और उन पर भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद अब उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की है।