फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Air India Pee Case Accused demands formation of appellate committee

एयर इंडिया पेशाब मामला: आरोपी शंकर मिश्रा ने की अपीलीय समिति के गठन की मांग, जानिए वजह

Wed, 15 Mar 2023 07:08 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 15 Mar 2023 07:08 PM IST
सार

मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने 7 जनवरी को बेंगलुरु से इस आरोप में गिरफ्तार किया था कि उन्होंने पिछले साल नवंबर में एयर इंडिया की उड़ान में 70 वर्षीय एक महिला पर पेशाब किया था।

विज्ञापन
Air India Pee Case Accused demands formation of appellate committee
एयर इंडिया - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

एयर इंडिया पेशाब मामले के आरोपी शंकर मिश्रा ने अपीलीय समिति के गठन की मांग की है ताकि वह अनियंत्रित यात्री नामित करने और चार महीने के लिए उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ उसकी अपील पर सुनवाई कर सके। मिश्रा ने इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

विज्ञापन

 

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह के समक्ष पेश नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के वकील ने कहा कि अपीलीय समिति पहले से मौजूद है। अदालत ने इसके बाद अब डीजीसीए के वकील से एक सप्ताह के भीतर समिति के गठन को अदालत के समक्ष रखने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने 7 जनवरी को बेंगलुरु से इस आरोप में गिरफ्तार किया था कि उन्होंने पिछले साल नवंबर में एयर इंडिया की उड़ान में 70 वर्षीय एक महिला पर पेशाब किया था जबकि नशे की हालत में था। बाद में उन्हें कंपनी के साथ वेल्स फारगो में उनकी नौकरी से यह कहते हुए हटा दिया गया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद परेशान करने वाले है। हालांकि, मिश्रा ने कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे और निराधार हैं। उन्हें 31 जनवरी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया था।


 
विज्ञापन

अधिवक्ता अक्षत बाजपेयी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में मिश्रा ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला ने 20 दिसंबर, 2022 को एयरसेवा शिकायत पोर्टल पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। शिकायत के आधार पर एयर इंडिया ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया। 18 जनवरी, 2023 को समिति ने उन्हें अनियंत्रित यात्री के रूप में नामित करने और चार महीने के लिए उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया।


 

याचिका में तर्क दिया गया है कि अनियंत्रित यात्रियों को संभालने के लिए नागरिक उड्डयन आवश्यकताएं (सीएआर) के पैरा 8.5 में परिकल्पना की गई है कि जांच समिति के आदेश से पीड़ित व्यक्ति नागरिक विमानन मंत्रालय द्वारा गठित अपीलीय समिति के समक्ष आदेश के 60 दिनों के भीतर अपील कर सकता है।

याचिका में आगे कहा गया है कि यह कानून की एक स्थापित स्थिति है कि अपील का एक वैधानिक अधिकार एक निहित अधिकार है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अपीलीय समिति का गैर-गठबंधन उसके लिए उपलब्ध सभी उपायों को समाप्त करने के उसके अधिकार को समाप्त कर रहा है। इस तरह, नागरिक उड्डयन मंत्रालय की निष्क्रियता सीधे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत याचिकाकर्ता के अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed