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आंदोलन के बाद : 17 हजार में बिक गया किसानों का मुख्य मंच, सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे कबाड़ी
Mon, 13 Dec 2021 04:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 13 Dec 2021 04:14 AM IST
सार
किसानों के लौटने के बाद बॉर्डर पर किसानों के आशियाने के हटाने का काम शुरू हो हो गया है। मुख्य मंच से लेकर छोटे-बड़े टेटों को हटाया जा रहा है। दिल्ली की सीमा से 500 मीटर की दूरी पर स्थित बने मुख्य मंच को किसानों ने दिल्ली के एक कबाड़ी वाले को बेचा है।
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आंदोलन खत्म... मंच उखाड़ना चालू...
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सिंघु बॉर्डर पर किसानों की रणनीति को धार देने वाला मुख्य मंच इन दिनों वीरान है। जिस मंच से किसान नेता हुंकार भरकर आंदोलन को मजबूती दिया करते थे अब वह जल्द ही टूटकर कबाड़ की दुकान में पहुंचने वाला है। किसानों ने जाने से पहले मुख्य मंच का 17 हजार रुपये में सौदा कर कबाड़ी को बेच दिया है। वहीं, अन्य छोटे मंचों को भी बिक्री कर दी है। इससे बॉर्डर पर कबाड़ी वालों की चांदी हो गई है।
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किसानों के लौटने के बाद बॉर्डर पर किसानों के आशियाने के हटाने का काम शुरू हो हो गया है। मुख्य मंच से लेकर छोटे-बड़े टेटों को हटाया जा रहा है। दिल्ली की सीमा से 500 मीटर की दूरी पर स्थित बने मुख्य मंच को किसानों ने दिल्ली के एक कबाड़ी वाले को बेचा है। साथ ही, इससे आसपास बने टिन शेड को भी कबाड़ी वालों को बेच गया है। मौके पर कबाड़ खरीदने पहुंचे चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जो सामान ट्रकों में लादा जा सकता था उसे किसान अपने साथ लेकर लौट गए हैं।
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शेष सामान को कबाड़ के दामों पर बेच दिया गया है। इसमें मंच बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया लोहा व टीन समेत अन्य सामान शामिल है। इसके अलावा बड़े-बड़े हैंगर शेड को भी किसानों ने छोड़ दिया है। इसे विभिन्न कबाड़ी वालों ने खरीद लिया है। लोहे के खरीददार विक्रम भदौरिया ने बताया कि किसानों ने आशियाना बनाने के लिए जिस टीन का इस्तेमाल किया था, इसे भी खरीद लिया गया है। उसे खोलने में एक दिन का समय लग जाएगा।
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पुलिस बैरिकेड को भी ले गए किसान
सिंघु बॉर्डर पर रविवार को लदे हुए ट्रकों के लौटने का सिलसिला जारी रहा। एक ट्रक में दिल्ली पुलिस का बैरिकेड भी रखा नजर आया। हालांकि, किसानों ने बैरिकेड को बहुत पहले ही तोड़कर बर्तन रखने का स्टैंड बना लिया था। वहीं, पंजाब लौट रहे किसानों ने कहा कि जिस समय दिल्ली कूच किया था उस समय सामान कम था। सालभर में यहां बहुत सामान हो गया था। इसलिए सामान को वापस ले जाने के लिए कुछ ट्रकों को पंजाब से मंगवाया गया है। यहां मौजूद ट्रकों में भी जितना सामान लादा जा सकता था, उतने सामान को लाद दिया गया है।
किसानों ने लौटने से पहले की साफ-सफाई
लौटने से पहले किसानों ने बॉर्डर पर साफ-सफाई भी की। इसके लिए किसानों की ओर से वॉलंटियरों को तैनात किया गया है। सिंघु बॉर्डर पर रविवार को 100 सदस्य वाले समूह ने सफाई की। इस दौरान दुकानों के आगे से लेकर सड़कों के बीचों-बीच से कूड़ा साफ किया गया।
कंक्रीट की दीवार तोड़ रही है पुलिस
सिंघु बॉर्डर पर इन दिनों किसानों के हटने के साथ ही दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से रविवार को कंक्रीट की दीवार तोड़ने का क्रम जारी रहा। किसानों के मुख्य मंच तक दिल्ली पुलिस ने बीते साल सात स्तरीय बैरिकेडिंग की थी। इसमें से दिल्ली की सीमा से लेकर मुख्य मंच तक सड़क के बीच दो जगह पर कंक्रीट की दीवार बनाई गई थी। इसमें से एक दीवार को पुलिस की ओर से रविवार को क्रेन के माध्यम से तोड़ दिया है। हालांकि, दूसरी दीवार का तोड़े जाना बाकी है।