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नई आबकारी नीति: दिल्ली में शराब प्रेमियों की मुश्किलें बढ़ीं, कई किलोमीटर दूर मिल रही, बीयर की हो रही किल्लत
Thu, 18 Nov 2021 10:58 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 18 Nov 2021 10:58 PM IST
सार
पुराने शराब की दुकानों के सामने अवैध तरीके से शराब की बिक्री चल रही है। लोग विदेशी नहीं तो देशी ही शराब का सेवन कर नशा कर रहे हैं। अब 21 साल के युवा भी बार पहुंचने लगे हैं।
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ठेकों पर लगे शराब खत्म करने के नोटिस
- फोटो : amar ujala
विस्तार
नई आबकारी नीति ने शराब प्रेमियों की मुश्किलें बढ़ा दी है। सरकारी शराब की दुकान बंद होने से शराब खरीदने के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि चार-पांच किलोमीटर की दूरी तय कर शराब की दुकान तक पहुंचना पड़ रहा है तो अंग्रेजी शराब नहीं मिलने से देशी शराब ही खरीद रहे है। साथ ही कालाबाजारी भी बढ़ गई है। कई युवा बैग में शराब भरकर बंद दुकानों के सामने दिखाई पड़ रहे है तो दोगुनी कीमत पर शराब की बिक्री कर रहे है। हैरत की बात है कि शराब नकली है या असली इसकी जानकारी लिए बगैर शराब के शौकीन इसे खरीदने से परहेज नहीं कर रहे। शुक्रवार को ड्राई डे होने की वजह से बृहस्पतिवार को शराब की जमकर खरीदारी हुई।
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कई किलोमीटर दूर खुली है दुकानें
नई आबकरी नीति लागू तो हो गई। लेकिन सभी आबंटित लाइसेंस वाली दुकान दूसरे दिन भी नहीं खुली। शराब का स्टॉक कम होने की वजह से शराब दुकान पर नहीं पहुंच सका। ऐसी स्थिति में लोगों को चार-पांच किलोमीटर दूरी तय कर दुकान पर पहुंचना पड़ रहा है। मिसाल के तौर पर मुखर्जी नगर स्थित बत्रा कॉम्प्लेक्स में आधा दर्जन से अधिक शराब की दुकानें थी। इसी तरह एक किलोमीटर की परिधि में दर्जनों शराब की निजी व सरकारी दुकानें थी। लेकिन अब यहां के लोगों को मॉडल टाऊन पहुंचकर शराब खरीदने की मजबूरी है।
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शराब की कालाबाजारी भी कम नहीं
सरकारी व निजी शराब की दुकानें बंद तो है, लेकिन ठीक उसके सामने शराब की बिक्री की जा रही है। शाम ढलते है इलाके के कई लोग सक्रिय हो जाता है। जैसे ही कोई बंद दुकान से लौटता है उसे आवाज देकर शराब की कालाबाजारी करने वाले बुलाते है और उसे छुपा कर शराब मुहैया करा रहे है। इस तरह का नजारा मुखर्जी नगर स्थित बत्रा सिनेमा कॉम्प्लेक्स के समीप आसानी से दिख जाएगा। मजे की बात है कि इस तरह के शराब बिक्री करने वाले अपना मोबाइल नंबर भी वितरित कर कह रहे है कि जहां भी जरूरत हो वहां शराब की खेप पहुंचा सकते है। इसी तरह कई झुग्गी कॉलोनी में ही लोगों ने शराब का स्टॉक कर लिया है। पहले जैसे ड्राई डे के दिनों में ऊंची कीमत पर बिक्री की जाती थी वैसे ही इनदिनों शराब की बिक्री हो रही है।
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विदेशी नहीं तो देशी ही सही
शराब की लत वाले शराब की कमी में ठर्रा ही पीने को तैयार है। विदेशी शराब के ठीक बगल में कई जगह देशी शराब की दुकानें भी थी। देशी शराब की दुकान खुली होने की वजह से जो अंग्रेजी शराब के सेवन के आदि है वह देशी शराब को ही खरीद कर सेवन करने में गुरेज नहीं कर रहे है। इस तरह के ठेकों पर भी ऊंची कीमत पर शराब लोगों को मिल रहा है। शुक्रवार को ड्राई डे होने की वजह से बृहस्पतिवार को जमकर देशी शराब की बिक्री हुई। उधर रेस्टोरेंट व बार में अचानक से भीड़ बढ़ गई है।
रेस्टोरेंट में भीड़, बीयर स्टॉक की होने लगी कमी
शराब की कम दुकानों के खुलने से रेस्टोरेंट व बार में काफी भीड़ बढ़ गई है। जिन्हें आसानी से शराब की दुकानों पर शराब नहीं मिल पा रहा है वह बार व रेस्टोरेंट में नशा करने पहुंच रहे है। 21 साल के युवाओं को शराब पीने की कानूनी अनुमति मिलने से भी भीड़ बढ़ रही है। क्योंकि इस आयु वर्ग के युवक व युवतियों के प्रवेश से मनाही नहीं है। रात के एक बजे तक बड़े-बड़े रेस्टोरेंट व डिस्को बार में शराब का सेवन करने लोग पहुंच रहे है।
नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडियाकी सदस्य संतोष जिंदल ने बताया कि शराब की दुकानें बंद होने से बार में पहले की अपेक्षा ज्यादा लोग पहुंच रहे है। जिंदल ने बताया कि व्हीस्की का तो स्टॉक भरपूर है, लेकिन बीयर की किल्लत होने लगी है। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में बीयर पीने वालों को परेशान होना पड़ सकता है।