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दिल्ली: चैंबर में धर्म परिवर्तन और निकाह करवाने वाले वकील का लाइसेंस निलंबित, नोटिस जारी कर जवाब तलब

Mon, 05 Jul 2021 09:07 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 05 Jul 2021 09:07 PM IST
सार

कांउसिल ने यह कार्रवाई सोहन सिंह तोमर की शिकायत पर की है। तोमर ने आरोप लगाया है कि मलिक ने अपने अदालत परिसर में बने चैंबर में जबरन उनकी बेटी को इस्लाम अपनाने पर मंजबूर किया और उसका निकाह करवा दिया।

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advocate License suspended for conversion and getting married in Chamber notice issued and summoned for reply
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Flickr

विस्तार

दिल्ली बार कांउसलि ने कड़कड़डूमा चैंबर में गैरकानूनी गतिविधियों व धर्म परिवर्तन व जबरन विवाह करवाने के आरोप पर अधिवक्ता इकबाल मलिक का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। अदालत ने अधिवक्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

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इकबाल मलिक पर आरोप है कि उसने एक युवती का चैंबर में धर्म परिवर्तन करवा कर विवाह करवाया है। कांउसिल ने यह कार्रवाई सोहन सिंह तोमर की शिकायत पर की है। तोमर ने आरोप लगाया है कि मलिक ने अपने अदालत परिसर में बने चैंबर में जबरन उनकी बेटी को इस्लाम अपनाने पर मंजबूर किया और उसका निकाह करवा दिया।
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बीसीडी सचिव पीयूष गुप्ता ने इकबाल मलिक को जारी नोटिस में कहा है कि मामले की जांच के लिए विशेष अनुशानात्मक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें उपाध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष सहित तीन सदस्य शामिल है। कमेटी की जांच रिपोर्ट आने तक उनके लाइसेंस को निलंबित करने का फैसला किया। इतना ही नहीं नोटिस में मलिक को अपना पक्ष सात दिन में रखने को कहा गया है।
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मलिक को जारी नोटिस में बीसीडी ने कहा है कि इस प्रकार की कथित गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं और यह एक वकील की व्यावसायिक गतिविधियों का हिस्सा नहीं हैं। निकाह करने में आपका आचरण और निकाहनामा/विवाह प्रमाण पत्र जारी करना पूरी तरह से शर्मनाक है और कानूनी पेशे की गरिमा के खिलाफ है।

बीसीडी ने कहा कि 3 जून 21 के विवाह प्रमाण पत्र में निकाह की जगह का जो उल्लेख किया गया है जो वह मलिक के चैंबर से मिलता है। बीसीडी ने कहा दस्तावेजों से पता चला कि मलिक अपने चैंबर से एक कन्वर्जन ट्रस्ट चला रहा था। तोमर ने अपनी शिकायत में मलिक के चैंबर को मस्जिद के रूप में दिखाने का भी आरोप लगाया है।

नोटिस में कहा गया है कि शिकायत और दस्तावेजों को देखते हुए प्रथम दृष्टया चैंबर/कोर्ट परिसर में निकाह करने वाली गतिविधियों को अधिवक्ता या किसी अन्य व्यक्ति को अनुमति नहीं दी जा सकती।


बार काउंसिल के चेयरमैन रमेश गुप्ता ने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल व संबंधित पुलिस उपायुक्त से आग्रह किया है कि मामले से संबंधित जानकारी गठित कमेटी को दे। इतना ही नहीं उन्होंने कड़कड़डूमा कोर्ट के प्रभारी जिला जज से इकबाल मलिक के चैंबर के आवंटन को रद्द करने का आग्रह किया है।

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