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Delhi News: नर्सरी दाखिले के लिए प्रतिबंधित दाखिला मानदंड अपलोड करने पर होगी कार्रवाई
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साक्षात्कार से लेकर शाकाहारी होने जैसे मानदंड नहीं होंगे दाखिले के आधार
28 नवंबर तक स्कूलों को दाखिला मानदंड और अंक करने हैं अपलोड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में नर्सरी से लेकर पहली कक्षा में दाखिले को लेकर कार्यक्रम जारी हो चुका है। 28 नवंबर तक स्कूलों को दाखिला मानदंड और अंक अपलोड करने हैं। प्रतिबंधित दाखिला मानदंड अपलोड करने वाले स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय सख्त कार्रवाई करेगा।
निदेशालय ने करीब 50 से अधिक दाखिला मानदंडों को अंकों के लिए शामिल न करने को लेकर सूची जारी कर रखी है। इसमें बच्चे और अभिभावक का साक्षात्कार, पहले आओ, पहले पाओ, ओरल टेस्ट, सरकारी कर्मचारी, शाकाहारी, अभिभावकों के कार्यरत होने, धूम्रपान न करने, पहली बार दाखिला लेने वाले, भाषा, जन्म से दिल्ली का निवासी होने, बिजनेस, अभिभावकों की शैक्षणिक योग्यता सहित दूसरे मानदंडों को दाखिला के लिए शामिल नहीं कर सकेंगे।
दाखिला मानदंडों की होगी निगरानी
दरअसल, कई स्कूल प्रतिबंधित मानदंडों को दाखिला अंकों में शामिल कर उसके लिए पांच से लेकर दस अंक तक तय कर देते हैं। हर साल स्कूल निर्देश के बावजूद ऐसे मानदंडों को शामिल करके अभिभावकों की परेशानी को बढ़ा देते हैं। फिर निदेशालय के संज्ञान में आने पर मानदंडों को हटाया जाता है। मगर, इस वर्ष निदेशालय पहले से सख्त रुख अपनाए हुए है। स्कूलों को स्पष्ट निर्देश है कि प्रतिबंधित दाखिला मानदंड शामिल करने पर स्कूलों पर उचित कार्रवाई होगी।
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क्यूआर कोड से भी कर सकेंगे पंजीकरण
वहीं इस संबंध में हाईकोर्ट के भी निर्देश हैं कि स्कूल ऐसे दाखिला मानदंड तैयार करेंगे जो निष्पक्ष, उचित, परिभाषित, गैर-भेदभावपूर्ण, स्पष्ट और पारदर्शी हों। बतादें कि दिल्ली के 1700 से अधिक निजी स्कूलों की एक लाख से अधिक सीटों पर चार दिसंबर से दाखिला प्रक्रिया शुरू हो रही है। अभिभावक ऑफलाइन से लेकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। कुछ स्कूल अभिभावकों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड के जरिए आवेदन फॉर्म भरने की सुविधा उपलब्ध कराने में भी जुटे हैं।
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28 नवंबर तक स्कूलों को दाखिला मानदंड और अंक करने हैं अपलोड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में नर्सरी से लेकर पहली कक्षा में दाखिले को लेकर कार्यक्रम जारी हो चुका है। 28 नवंबर तक स्कूलों को दाखिला मानदंड और अंक अपलोड करने हैं। प्रतिबंधित दाखिला मानदंड अपलोड करने वाले स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय सख्त कार्रवाई करेगा।
निदेशालय ने करीब 50 से अधिक दाखिला मानदंडों को अंकों के लिए शामिल न करने को लेकर सूची जारी कर रखी है। इसमें बच्चे और अभिभावक का साक्षात्कार, पहले आओ, पहले पाओ, ओरल टेस्ट, सरकारी कर्मचारी, शाकाहारी, अभिभावकों के कार्यरत होने, धूम्रपान न करने, पहली बार दाखिला लेने वाले, भाषा, जन्म से दिल्ली का निवासी होने, बिजनेस, अभिभावकों की शैक्षणिक योग्यता सहित दूसरे मानदंडों को दाखिला के लिए शामिल नहीं कर सकेंगे।
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दाखिला मानदंडों की होगी निगरानी
दरअसल, कई स्कूल प्रतिबंधित मानदंडों को दाखिला अंकों में शामिल कर उसके लिए पांच से लेकर दस अंक तक तय कर देते हैं। हर साल स्कूल निर्देश के बावजूद ऐसे मानदंडों को शामिल करके अभिभावकों की परेशानी को बढ़ा देते हैं। फिर निदेशालय के संज्ञान में आने पर मानदंडों को हटाया जाता है। मगर, इस वर्ष निदेशालय पहले से सख्त रुख अपनाए हुए है। स्कूलों को स्पष्ट निर्देश है कि प्रतिबंधित दाखिला मानदंड शामिल करने पर स्कूलों पर उचित कार्रवाई होगी।
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क्यूआर कोड से भी कर सकेंगे पंजीकरण
वहीं इस संबंध में हाईकोर्ट के भी निर्देश हैं कि स्कूल ऐसे दाखिला मानदंड तैयार करेंगे जो निष्पक्ष, उचित, परिभाषित, गैर-भेदभावपूर्ण, स्पष्ट और पारदर्शी हों। बतादें कि दिल्ली के 1700 से अधिक निजी स्कूलों की एक लाख से अधिक सीटों पर चार दिसंबर से दाखिला प्रक्रिया शुरू हो रही है। अभिभावक ऑफलाइन से लेकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। कुछ स्कूल अभिभावकों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड के जरिए आवेदन फॉर्म भरने की सुविधा उपलब्ध कराने में भी जुटे हैं।