{"_id":"68dd3808802ad8817a02c5ff","slug":"aap-appeals-to-delhi-schools-to-tell-the-complete-truth-about-rss-ashram-news-c-340-1-del1011-107087-2025-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: आप ने दिल्ली के स्कूलों में आरएसएस के संबंध में पूरी सच्चाई बताने की अपील की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: आप ने दिल्ली के स्कूलों में आरएसएस के संबंध में पूरी सच्चाई बताने की अपील की
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भाजपा सरकार के स्कूलों में आरएसएस का इतिहास पढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन बच्चों को पूरी सच्चाई बताने की अपील की है। पार्टी के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आरएसएस के सामाजिक और सेवा कार्यों के साथ-साथ बच्चों को यह भी पढ़ाया जाना चाहिए कि स्वतंत्रता संग्राम में इसका कोई योगदान नहीं था।
उन्होंने बताया, आरएसएस की मातृ संस्था हिंदू महासभा ने मुस्लिम लीग के साथ तीन राज्यों में सरकार बनाई। हिंदुओं से अंग्रेजी फौज में भर्ती होने की अपील की। इसके अलावा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का आरएसएस और हिंदू महासभा से संबंध भी बच्चों को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास का हिस्सा होने वाली किसी भी संस्था को पढ़ाना ठीक है, लेकिन झूठे ढोल न बजाए जाएं। भाजपा, उसकी मातृ संस्था भारतीय जनसंघ, आरएसएस और हिंदू महासभा का पूरा राजनीतिक इतिहास बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि हिंदू महासभा 1915 और आरएसएस 1925 में बनी थी। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का दोनों ने विरोध किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजी फौज में भर्ती के लिए हिन्दुओं को प्रेरित किया।
विज्ञापन
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आरएसएस आज भी स्वयं को गैर-राजनीतिक बताती है, लेकिन भाजपा के हर फैसले में दखल देती है। आरएसएस ने आजादी के समय तिरंगे का विरोध किया। करीब 50 साल तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। इतिहास में अच्छी और बुरी दोनों बातें होती हैं। बच्चों को शाखाओं, अस्त्र-शस्त्र विद्या के साथ-साथ राजनीतिक इतिहास भी पढ़ाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भाजपा सरकार के स्कूलों में आरएसएस का इतिहास पढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन बच्चों को पूरी सच्चाई बताने की अपील की है। पार्टी के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आरएसएस के सामाजिक और सेवा कार्यों के साथ-साथ बच्चों को यह भी पढ़ाया जाना चाहिए कि स्वतंत्रता संग्राम में इसका कोई योगदान नहीं था।
उन्होंने बताया, आरएसएस की मातृ संस्था हिंदू महासभा ने मुस्लिम लीग के साथ तीन राज्यों में सरकार बनाई। हिंदुओं से अंग्रेजी फौज में भर्ती होने की अपील की। इसके अलावा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का आरएसएस और हिंदू महासभा से संबंध भी बच्चों को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास का हिस्सा होने वाली किसी भी संस्था को पढ़ाना ठीक है, लेकिन झूठे ढोल न बजाए जाएं। भाजपा, उसकी मातृ संस्था भारतीय जनसंघ, आरएसएस और हिंदू महासभा का पूरा राजनीतिक इतिहास बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि हिंदू महासभा 1915 और आरएसएस 1925 में बनी थी। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का दोनों ने विरोध किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजी फौज में भर्ती के लिए हिन्दुओं को प्रेरित किया।
विज्ञापन
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आरएसएस आज भी स्वयं को गैर-राजनीतिक बताती है, लेकिन भाजपा के हर फैसले में दखल देती है। आरएसएस ने आजादी के समय तिरंगे का विरोध किया। करीब 50 साल तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। इतिहास में अच्छी और बुरी दोनों बातें होती हैं। बच्चों को शाखाओं, अस्त्र-शस्त्र विद्या के साथ-साथ राजनीतिक इतिहास भी पढ़ाया जाना चाहिए।