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राहत: आप विधायक दुष्कर्म के आरोप से बरी, भाई को भी मिला संदेह का लाभ
Mon, 31 Jan 2022 11:53 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 31 Jan 2022 11:53 PM IST
सार
राउज एवन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने 29 जनवरी दिए फैसले में गोयल को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष उनका अपराध बिना शक साबित करने में असफल रहा है। ऐसे में उन्हें बरी किया जाता है। गोयल वर्तमान में राजधानी के रिठाला निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधान सभा सदस्य मोहिंदर गोयल को एक महिला से दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया। वहीं अदालत ने मामले में उनके भाई को भी संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है।
राउज एवन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने 29 जनवरी दिए फैसले में गोयल को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष उनका अपराध बिना शक साबित करने में असफल रहा है। ऐसे में उन्हें बरी किया जाता है। गोयल वर्तमान में राजधानी के रिठाला निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं।
गोयल के साथ, उनके भाई को भी संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। गोयल पर पीड़िता के साथ बार-बार दुष्कर्म करने, आपराधिक धमकी देने का अरोप था। अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए गोयल के खिलाफ फरवरी 2021 में मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था।
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अदालत ने कहा था कि पीड़िता यौन उत्पीड़न के मामलों में अपनी प्रतिष्ठा दांव पर क्यों लगाएगी। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर अदालत ने गोयल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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राउज एवन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने 29 जनवरी दिए फैसले में गोयल को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष उनका अपराध बिना शक साबित करने में असफल रहा है। ऐसे में उन्हें बरी किया जाता है। गोयल वर्तमान में राजधानी के रिठाला निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं।
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गोयल के साथ, उनके भाई को भी संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। गोयल पर पीड़िता के साथ बार-बार दुष्कर्म करने, आपराधिक धमकी देने का अरोप था। अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए गोयल के खिलाफ फरवरी 2021 में मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था।
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अदालत ने कहा था कि पीड़िता यौन उत्पीड़न के मामलों में अपनी प्रतिष्ठा दांव पर क्यों लगाएगी। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर अदालत ने गोयल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
वहीं अदालत ने उनके भाई ईश्वर चंद गोयल के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत आरोप तय किए थे। भाई पर शिकायतकर्ता ने अश्लील क्लिप भेजने का आरोप लगाया था। अदालत ने उन्हें भी इस आरोप से बरी कर दिया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जब विधायक पेंशन के मुद्दे को लेकर उससे मिलने गए थे तो उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विधायक और उसके भाई ने उसे कथित तौर पर धमकाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया। उसे अश्लील क्लिप भी भेजी।
उसने आरोप लगाया कि उसके साथ कई मौकों पर दुष्कर्म किया गया था, आखिरकार उसने अपनी प्रतिष्ठा खोने के डर से दिसंबर 2018 में विधायक से माफी स्वीकार कर ली। 5 फरवरी, 2019 को उसे कथित तौर पर विधायक के भाई से अश्लील वीडियो के साथ एक संदेश मिला। इसी के बाद मामला दर्ज करवाया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जब विधायक पेंशन के मुद्दे को लेकर उससे मिलने गए थे तो उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विधायक और उसके भाई ने उसे कथित तौर पर धमकाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया। उसे अश्लील क्लिप भी भेजी।
उसने आरोप लगाया कि उसके साथ कई मौकों पर दुष्कर्म किया गया था, आखिरकार उसने अपनी प्रतिष्ठा खोने के डर से दिसंबर 2018 में विधायक से माफी स्वीकार कर ली। 5 फरवरी, 2019 को उसे कथित तौर पर विधायक के भाई से अश्लील वीडियो के साथ एक संदेश मिला। इसी के बाद मामला दर्ज करवाया गया।