फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   A husband cannot evade his maintenance obligations by concealing his income.

Delhi News: आय छिपाकर भरण पोषण के दायित्व से नहीं बच सकता पति

Thu, 07 May 2026 08:35 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2026 08:35 PM IST
विज्ञापन
A husband cannot evade his maintenance obligations by concealing his income.
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने घरेलू हिंसा के मामले में पत्नी और नाबालिग बेटी को अंतरिम भरण-पोषण के रूप में 7,500 रुपये प्रतिमाह देने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि स्वस्थ शरीर वाला पति अपनी आय छिपाकर परिवार के भरण-पोषण की कानूनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।
विज्ञापन

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने पति की अपील खारिज करते हुए कहा कि मैं विचाराधीन मामले में इस निष्कर्ष पर पहुंची हूं कि अपीलकर्ता पति को अपने खर्चे खुद प्रबंधित करने होंगे। केवल खर्चों का विवरण देने और मां की जिम्मेदारी का हवाला देकर वह अपनी वैध रूप से विवाहित पत्नी के भरण-पोषण से नहीं बच सकता। मामले में ट्रायल कोर्ट ने महिला की याचिका पर संरक्षण महिलाओं से घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत पति को पत्नी और नाबालिग बेटी को 7,500 रुपये मासिक अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। पति ने इस आदेश के खिलाफ सत्र अदालत में अपील की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed