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दिल्ली में कोरोना की लहर: शुक्रवार को सामने आए आठ हजार से अधिक मामले, 39 मरीजों की मौत

Fri, 09 Apr 2021 08:49 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 09 Apr 2021 08:49 PM IST
सार

  • राजधानी में शुक्रवार को कोरोना के 8521 नए मामले सामने आए
  • दिल्ली में अब कुल मरीजों की संख्या 7,06,526

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8521 corona positive patients found in delhi on friday 39 death
कोरोना वायरस की जांच कराते लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी की चौथी लहर का सामना कर रही दिल्ली की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। 13 महीने में दूसरी बार एक दिन में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। पिछले एक दिन में साढ़े आठ हजार से भी ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इससे पहले एक दिन में सबसे ज्यादा 8593 केस 11 नवंबर 2020 को मिले थे। जाहिर है कि दिल्ली कोरोना महामारी के तीसरे पीक के काफी नजदीक पहुंच चुकी है। 

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले एक दिन में 8521 नए केस मिले हैं, जबकि 39 लोगों की कोरोना से मौत हो गई। राहत की बात यह है कि 5032 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया। विभाग ने बताया कि दिल्ली में पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड 1.09 लाख से भी ज्यादा नमूनों की जांच हुई है। इनमें से 70 हजार जांच आरटी-पीसीआर से हुई। 
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एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों की बैठक में हर दिन कम से कम 70 फीसदी नमूनों की जांच आरटी-पीसीआर से करने का लक्ष्य राज्यों को दिया था ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाने में कोई चूक न हो सके। बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर रिजो एम जॉन का कहना है कि दिल्ली में पहला संक्रमित पिछले वर्ष 2 मार्च को मिला था। तब से अब तक दिल्ली कोरोना महामारी की चौथी लहर का सामना कर रही है जोकि बाकी राज्यों से एकदम अलग है। 
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11 नवंबर को दिल्ली में सबसे ज्यादा केस आए थे लेकिन उस दौरान संक्रमण दर 13.40 फीसदी थी। तब एक दिन में 64121 नमूनों की जांच हुई थी। इनमें केवल 19304 नमूनों की जांच आरटी-पीसीआर के जरिये हुई थी। इससे वर्तमान स्थिति की तुलना करें तो पिछले एक दिन में 7.79 फीसदी संक्रमण दर मिली है और आरटी-पीसीआर जांच में भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है। संक्रमण की रोकथाम को लेकर यह आंकड़े सरकार के सटीक प्रयासों की गवाही दे रहे हैं। 

शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राजधानी में अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 706526 हो चुकी है। इनमें 6, 68,699 स्वस्थ हुए हैं। जबकि 11196 लोगों की मौत हो चुकी है। हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के चलते सक्रिय मामले भी 26631 हो चुके हैं जिनमें करीब 50 फीसदी यानी 13188 मरीज अपने घरों में आइसोलेशन पर हैं। ये सभी मरीज बिना या हल्के लक्षण वाले हैं।

दिल्ली में अब तक का रिकॉर्ड
दिन   11 नवंबर 2020   मामले  8593
मौत    85
डिस्चॉर्ज   7264
संक्रमण दर  13.40 फीसदी

दिल्ली में कब कब आई कोरोना की लहर
पहली लहर : 23 जून को, सबसे ज्यादा 3947 मरीज मिले और 68 लोगों की मौत हुई थी।
दूसरी लहर: 16 सिंतबर को, क दिन में सबसे ज्यादा 4473 मरीज मिले और 33 लोगों की मौत हुई थी।
तीसरी लहर: 11 नवंबर को, 8953 संक्रमित मरीज मिले थे और 79 लोगों की मौत हुई थी।

अब बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है कोरोना 

डबल म्युटेंट और नए स्ट्रेन के कारण अब यह  वायरस कम उम्र के लोगों के साथ-साथ छोटे बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है। पिछले एक सप्ताह में कोरोना से संक्रमित होने के बाद पांच बच्चे दिल्ली सरकार के लोक नायक अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इससे डॉक्टरों की भी चिंता बढ़ गई है। 

अस्पताल की बाल रोग विभाग की एक डॉक्टर ने बताया कि बीते 1 सप्ताह में जो बच्चे भर्ती हुए हैं। उनमें से दो बच्चे तीन माह से कम के हैं। वहीं तीन बच्चे एक साल से भी कम के हैं। हालांकि, सभी शिशुओं में संक्रमण के बेहद हल्के लक्षण है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह बच्चे संक्रमण के नए स्ट्रेन से पीड़ित हो, क्योंकि पिछले एक साल इस आयु वर्ग का कोई भी बच्चा संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ था।
   
अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले साल 60 साल से अधिक उम्र के ही अधिकतर लोग को रोना शासन सीमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती हो रहे थे लेकिन इस बार काफी कुछ बदल गया है। अब 30 से 45 साल की उम्र की भी मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसके अलावा छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी बड़ी संख्या में इलाज के लिए आ रही है। डॉ सुरेश ने बताया कि उनके अस्पताल में फिलहाल 170 मरीज भर्ती है। अस्पताल में बेड की संख्या को बढ़ाकर 1000 से ज्यादा कर दिया गया है।

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