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दिल्ली : निगम चुनाव लड़ चुके 318 नेता अयोग्य करार, चुनाव आयोग ने लगाया प्रतिबंध

Sat, 29 Jan 2022 04:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली  
विनोद डबास, नई दिल्ली   Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 29 Jan 2022 04:38 AM IST
सार

2017 में उतरे इन प्रत्याशियों ने नहीं दिया था चुनावी खर्च का ब्योरा। 

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318 leaders who contested corporation elections in delhi disqualified
delhi mcd - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्ष 2017 के निगम चुनाव में किस्मत आजमा चुके 318 प्रत्याशी इस बार ताल नहीं ठोंक सकेंगे। दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने इन नेताओं को अयोग्य ठहराया है। इन नेताओं पर छह साल तक चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाया गया है। दरअसल, इन प्रत्याशियों ने चुनाव आयोग के समक्ष चुनावी खर्च का ब्योरा जमा नहीं कराया था।

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वर्ष 2017 में तीनों नगर निगम के चुनाव में 2756 प्रत्याशियों ने विभिन्न राजनीतिक दलों के अलावा निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था। इनमें से 318 प्रत्याशियों ने शिकस्त खाने के बाद  आयोग के समक्ष चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं दिया।
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चुनाव आयोग के अनुसार ये 318 नेता छह साल तक केवल इस बार ही नगर निगम का चुनाव नहीं लड़ सकते। दरअसल इन पर चुनाव लड़ने का लगाया गया प्रतिबंध वर्ष 2027 में होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले खत्म हो जाएगा। ये नेता विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़ सकते है। इसके अलावा इन नेताओं पर अन्य राज्यों में कोई भी चुनाव लड़ने पर रोक नहीं है।
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चुनाव आयोग के मुताबिक सबसे अधिक उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वार्ड नंबर 15 से चुनाव लड़े नेता चुनावी खर्च का ब्योरा नहीं देने वालों में शामिल है। इस वार्ड से चुनाव लड़े सात नेताओं ने चुनाव खर्च का ब्यौरा नहीं दिया, वहीं उत्तरी दिल्ली नगर निगम के पांच वार्डों के छह-छह व दो वार्डों के पांच-पांच और दक्षिण दिल्ली नगर निगम के तीन वार्डों के पांच-पांच उम्मीदवारों ने भी हिसाब नहीं दिया।

भाजपा उम्मीदवार का नामांकन हो चुका है रद्द
चुनाव आयोग की ओर से अयोग्य ठहराए गए नेता अगर इस बार नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोकेंगे तो उनका नामांकन पत्र रद्द कर दिया जाएगा। वर्ष 2007 में भाजपा ने एक ही अपने नेता को उम्मीदवार बना दिया था। चुनाव आयोग ने उस उम्मीदवार का नामांकन पत्र रद्द कर दिया था। दरअसल इस नेता ने वर्ष 2002 में नगर निगम का चुनाव लड़ा था और उसने चुनाव खर्च का ब्योरा चुनाव आयोग में जमा नहीं कराया था।

नगर  निगम      कुल उम्मीदवार            ब्योरा नहीं दिया
पूर्वी दिल्ली                0630                            062
उत्तरी दिल्ली              1062                           164
दक्षिण दिल्ली             1064                            092
 

‘मेरा वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गया, पत्नी को टिकट दिलाने के लिए आवेदन कर दूं’

तीनों नगर निगम के वार्डों में आरक्षण घोषित होने के बाद पार्षदों ने पत्नी के लिए टिकट दिलाने की मशक्कत शुरू कर दी है। शुक्रवार को कई पार्षदों ने अपनी पत्नी का आवेदन कराने के लिए प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री से बात की।

दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के तीनों नगर निगम के वार्ड अनुसूचित जाति और महिलाओं के लिए आरक्षित करने के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय गुलजार होने लगा है। शुक्रवार को करीब डेढ़ सौ नेताओं ने अपने वार्ड के अस्तित्व से प्रदेश संगठन महामंत्री को अवगत कराया। इस दौरान नेताओं ने अपने एवं अपने परिजनों के लिए टिकट का दावा किया।

संगठन महामंत्री सिद्धार्थन से मिलने के लिए सुबह 10 बजे ही पार्टी नेताओं का प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचना शुरू हो गया और शाम तक जारी रहा। भाजपा के पुरुष पार्षदों ने अपनी पत्नी और महिला पार्षदों के पति ने अपने लिए टिकट की दावेदारी की। हालांकि सिद्धार्थन ने कहा कि पार्षदों की पत्नी एवं महिला पार्षद के पति को चुनाव लड़ाने का निर्णय पार्टी आलाकमान करेगी।

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