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Delhi : दिल्ली में दिवाली की रात पटाखों और दीयों से 260 लोग झुलसे, घायलों में सबसे ज्यादा बच्चे
Sat, 02 Nov 2024 07:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 02 Nov 2024 07:14 AM IST
सार
घायलों को एम्स, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया, लोकनायक, जीटीबी, डीडीयू, बाबा साहेब अंबेडकर, लेडी हार्डिंग, संजय गांधी, बाबू जगजीवन राम सहित अन्य अस्पतालों में लाया गया। घायलों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की रही। वहीं, काफी मरीज गंभीर रूप से घायल हुए जिनकी सर्जरी तक करनी पड़ी। कई को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
दिवाली की रात पटाखों और दीयों से 260 लोग झुलस गए। घायलों को एम्स, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया, लोकनायक, जीटीबी, डीडीयू, बाबा साहेब अंबेडकर, लेडी हार्डिंग, संजय गांधी, बाबू जगजीवन राम सहित अन्य अस्पतालों में लाया गया। घायलों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की रही। वहीं, काफी मरीज गंभीर रूप से घायल हुए जिनकी सर्जरी तक करनी पड़ी। कई को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
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सफदरजंग अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के मुताबिक, अस्पताल में 117 मरीज दिये व पटाखे से जलकर पहुंचे। 102 मरीजों को ओपीडी में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 15 मरीज गंभीर रूप से घायल थे। इनमें 86 लोग पटाखों से घायल हुए थे, जबकि दिये से 31 मरीज जलकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में 30 अक्तूबर को 18 मरीज अस्पताल आए थे। इधर, एम्स के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के मुताबिक, दिवाली की रात 48 मरीज अस्पताल में आए। इनमें से 19 मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। गंभीर रूप से घायल मरीजों में तीन बच्चे, 11 किशोर, तीन मरीज युवक और दो बुजुर्ग थे। 32 मरीज पटाखे से जले थे।
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आरएमएल अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. समीक भट्टाचार्य ने बताया कि 44 मरीज अस्पताल में आए। ज्यादातर के चेहरे व हाथ झुलसे थे, जबकि एक मरीज की आंख प्रभावित हुई। घायलों में 38 पुरुष थे, जबकि 6 महिलाएं थीं। लोकनायक अस्पताल की आपातकालीन विभाग की प्रमुख डॉ. रितु सक्सेना ने बताया कि 19 मरीज अस्पताल में आए। जीटीबी, डीडीयू, बाबा साहेब अंबेडकर सहित अन्य अस्पतालों में भी 10 से 35 मरीज इलाज करवाने पहुंचे।
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दिवाली पर 320 जगहों पर लगी आग, टूटा 10 साल का रिकॉर्ड
इस बार दिवाली पर आग की घटनाओं ने पिछले 10 वर्षों का रिकाॅर्ड तोड़ दिया। दिल्ली में 320 जगहों पर आग लगी। इस दौरान 12 लोग झुलस गए। दमकल विभाग के मुताबिक, रात 11 बजे के बाद सबसे ज्यादा 84 जगहों से आग लगने की सूचना मिली। दमकलकर्मी पूरी रात इधर-उधर से भागते नजर आए। विभाग के डीजी अतुल गर्ग के अनुसार, आधी रात से सुबह 6 बजे के बीच आग लगने की 158 इमरजेंसी कॉल मिलीं। शाम 5 बजे से आधी रात के बीच 192 घटनाएं हुईं। कुल मिलाकर 320 घटनाएं हुईं।
एक ही घर में छह लोग जले
बिंदापुर में पटाखे के कारण घर में लगी आग से एक ही परिवार के छह झुलस हो गए। सभी को आरएमएल अस्पताल लाया गया। एक अन्य मामले में दो अन्य मरीज भी अस्पताल आए जो पाइप में विस्फोटक डाल रहे थे।