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मेट्रो ने मांगी सेमी लो फ्लोर बस खरीदने की अनुमति
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मेट्रो ने मांगी सेमी लो फ्लोर बस खरीदने की अनुमति
याचिका दायर कर कहा फीडर बेड़े के लिए चाहिए बसें
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने अपने फीडर बस बेड़े के लिए सेमी लो फ्लोर बसें खरीदने के लिए हाईकोर्ट की अनुमति मांगी है। मेट्रो का कहना है कि उसके फीडर बस बेड़े में बसों की हालत खराब हैं। उसे मजबूत करने की जरूरत है।
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ के समक्ष मेट्रो ने कहा कि परिवहन विभाग उसकी बसों का पंजीकरण करने से इंकार कर रहा है, क्योंकि यह बसें लो फ्लोर नहीं है।
खंडपीठ ने मेट्रो की याचिका पर दिल्ली सरकार, दिल्ली परिवहन निगम व याचिकाकर्ता निपुण मल्होत्रा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मल्होत्रा की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की स्टैंडर्ड फ्लोर बस खरीद प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी।
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मेट्रो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कहा कि मेट्रो फीडर बस बेड़े में इस समय 174 बसें हैं, जिनमें से 25 स्टैंडर्ड फ्लोर तथा शेष सेमी लो फ्लोर बसें हैं। मेट्रो ने जब लो फ्लोर इलैक्ट्रिक व सीएनजी बसें खरीदने के लिए टेंडर जारी किया तो उसे पता चला कि देश में लो फ्लोर सीएनजी बसों का निर्माण नहीं होता है। हालांकि इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण हो रहा है। इन बसों को मेट्रो खरीदेगी, लेकिन इसमें फिलहाल अधिक समय लगेगा।
दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता संजोय घोष ने कहा कि मेट्रो की चिंता वाजिब नजर आती है। वहीं दूसरी मल्होत्रा के वकील ने कहा कि इस याचिका पर उन्हें कई आपत्तियां हैं और वह उसे कोर्ट के समक्ष रखेंगे। मल्होत्रा की दलीलें सुनने के लिये कोर्ट ने नौ जनवरी की तारीख तय की है।
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याचिका दायर कर कहा फीडर बेड़े के लिए चाहिए बसें
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने अपने फीडर बस बेड़े के लिए सेमी लो फ्लोर बसें खरीदने के लिए हाईकोर्ट की अनुमति मांगी है। मेट्रो का कहना है कि उसके फीडर बस बेड़े में बसों की हालत खराब हैं। उसे मजबूत करने की जरूरत है।
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ के समक्ष मेट्रो ने कहा कि परिवहन विभाग उसकी बसों का पंजीकरण करने से इंकार कर रहा है, क्योंकि यह बसें लो फ्लोर नहीं है।
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खंडपीठ ने मेट्रो की याचिका पर दिल्ली सरकार, दिल्ली परिवहन निगम व याचिकाकर्ता निपुण मल्होत्रा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मल्होत्रा की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की स्टैंडर्ड फ्लोर बस खरीद प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी।
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मेट्रो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कहा कि मेट्रो फीडर बस बेड़े में इस समय 174 बसें हैं, जिनमें से 25 स्टैंडर्ड फ्लोर तथा शेष सेमी लो फ्लोर बसें हैं। मेट्रो ने जब लो फ्लोर इलैक्ट्रिक व सीएनजी बसें खरीदने के लिए टेंडर जारी किया तो उसे पता चला कि देश में लो फ्लोर सीएनजी बसों का निर्माण नहीं होता है। हालांकि इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण हो रहा है। इन बसों को मेट्रो खरीदेगी, लेकिन इसमें फिलहाल अधिक समय लगेगा।
दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता संजोय घोष ने कहा कि मेट्रो की चिंता वाजिब नजर आती है। वहीं दूसरी मल्होत्रा के वकील ने कहा कि इस याचिका पर उन्हें कई आपत्तियां हैं और वह उसे कोर्ट के समक्ष रखेंगे। मल्होत्रा की दलीलें सुनने के लिये कोर्ट ने नौ जनवरी की तारीख तय की है।