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क्लस्टर के बेड़े में जुड़ेंगी 140 इलेक्ट्रिक बसें
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नई दिल्ली। सार्वजनिक परिवहन के बेड़े को सुदृढ़ करते हुए वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए दिल्ली सरकार ने 140 लो फ्लोर, वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के लिए टेंडर जारी किया है। जीपीएस, पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे सहित दूसरी आधुनिक सुविधाओं से लैस बसें 2022 के जून तक सड़कों पर नजर आएंगी। दिल्ली सरकार की क्लस्टर योजना के तहत ई-बसें खरीदी जाएंगी।
परिवहन विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि क्लस्टर योजना के तहत 140 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए टेंडर किया गया है। इसी महीने परिवहन विभाग ने क्लस्टर योजना के तहत 190 लो फ्लोर और वातानुकूलित बसों के लिए टेंडर जारी किया था।
दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक रूप से स्थायी नेटवर्क स्थापित करने के लिए दिल्ली सरकार ने पहल की है। इसके तहत यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक क्लस्टर योजना के तहत अब तक 3,000 से अधिक सीएनजी बसें शामिल की जा चुकी हैं। अब इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आए। फिलहाल दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की करीब 3,600 लो फ्लोर बसें परिचालित हो रही हैं। 300 अतिरिक्त ई-बसें डीटीसी के बेड़े में शामिल की जाएंगी। फिलहाल दिल्ली वासियों की सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों को पूरा करने के लिए कम से कम 11,000 बसों की जरूरत है। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द अधिक से अधिक बसें डीटीसी के बेड़े में शामिल की जाएं।
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परिवहन विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि क्लस्टर योजना के तहत 140 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए टेंडर किया गया है। इसी महीने परिवहन विभाग ने क्लस्टर योजना के तहत 190 लो फ्लोर और वातानुकूलित बसों के लिए टेंडर जारी किया था।
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दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक रूप से स्थायी नेटवर्क स्थापित करने के लिए दिल्ली सरकार ने पहल की है। इसके तहत यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक क्लस्टर योजना के तहत अब तक 3,000 से अधिक सीएनजी बसें शामिल की जा चुकी हैं। अब इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आए। फिलहाल दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की करीब 3,600 लो फ्लोर बसें परिचालित हो रही हैं। 300 अतिरिक्त ई-बसें डीटीसी के बेड़े में शामिल की जाएंगी। फिलहाल दिल्ली वासियों की सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों को पूरा करने के लिए कम से कम 11,000 बसों की जरूरत है। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द अधिक से अधिक बसें डीटीसी के बेड़े में शामिल की जाएं।
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