तीस हजारी बवालः हाईकोर्ट का निर्देश- आरोपी पुलिसकर्मी निलंबित हों, छह हफ्ते में पूरी हो न्यायिक जांच
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Delhi High Court has directed Delhi Police Commissioner to transfer Special Commissioner Sanjay Singh & Additional DCP Harinder Singh, in connection with yesterday's clash between police & lawyers at Tis Hazari Court. pic.twitter.com/iHYZ1HZcC8
— ANI (@ANI) November 3, 2019विज्ञापन
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एसपी गर्ग की अध्यक्षता में छह सप्ताह के भीतर न्यायिक जांच पूरी करने का आदेश दिया है। जांच में जज एसपी गर्ग का सीबीआई निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक और सतर्कता विभाग के निदेशक या उनके द्वारा नियुक्त किसी उच्च स्तर के अधिकारी सहयोग करेंगे।
The judicial inquiry in yesterday's clash between police&lawyers at Tis Hazari Court to be conducted by retired Delhi High Court judge Justice SP Garg who'll be assisted by Director CBI,Director Intelligence Bureau&Director Vigilance or any superior rank officer appointed by them https://t.co/fNt9bilSSj
— ANI (@ANI) November 3, 2019
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को आरोपी पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित करने का निर्देश दिया है, साथ ही दिल्ली सरकार को वकील विजय वर्मा को 50,000 रुपये की एकमुश्त पूर्व-अनुग्रह राशि प्रदान करने और अन्य दो अन्य वकीलों को 15,000 रुपये और 10,000 रुपये देने का निर्देश दिया है।
इस झड़प में 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे। दिल्ली पुलिस के आयुक्त अमूल्य पटनायक, प्रशासनिक समिति के जजों और तीस हजारी कोर्ट में जिला न्यायाधीशों के साथ बैठक करने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने जल्द ही मामले की सुनवाई करने का फैसला किया।
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम मामले की जांच कर रही है। आंतरिक जांच बैठाई गई है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। वकील को लॉकअप में ले जाने का आरोपी पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।
Delhi Police during hearing in Delhi High Court on yesterday's clash between police and lawyers: Special Investigation Team has been constituted to investigate the matter. One assistant sub-inspector of police who was accused of taking the lawyer to the lockup has been suspended. https://t.co/fdAHyoz0W5
— ANI (@ANI) November 3, 2019
दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
इसके साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली की जिला अदालतों के सभी बार एसोसिएशनों और दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई को पत्र लिखकर तीस हजारी कोर्ट में पुलिस-वकीलों की झड़प पर स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
Supreme Court Advocates-On-Record Association writes to Chief Justice of India, Justice Ranjan Gogoi, requesting him to take suo-moto action in the Police-lawyers clash at Tis Hazari Court, yesterday. #Delhi
— ANI (@ANI) November 3, 2019
इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पिंकी ने रविवार को घटनास्थल का मुआयना किया। वहीं इस बवाल की जांच स्पेशल सीपी की निगरानी में अपराध शाखा की एसआईटी करेगी। दिल्ली पुलिस ने देर रात जारी बयान में यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, खुद स्पेशल सीपी पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे।
Tis Hazari Court Police-Lawyers clash: Additional Sessions Judge Pinki, inspected the incident spot today. #Delhi pic.twitter.com/MOeJwFe6z3
— ANI (@ANI) November 3, 2019
पुलिस ने दर्ज की क्रॉस एफआईआर
पुलिस ने वकीलों और पुलिस की ओर से मिली शिकायत के बाद क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस ने धारा 186, 353, 427, 307 के तहत क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों (पुलिस और वकीलों) से मिली शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। मामले की जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी कर रही है। बवाल के दौरान एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और दो एसएचओ समेत कुल 20 पुलिसकर्मियों को चोटें लगी हैं। आठ वकील भी घायल हुए हैं।
बार काउंसिल देगी मुआवजा
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने इस घटना में घायल वकीलों को मुआवजा देने का एलान किया है। काउंसिल आईसीयू में भर्ती दोनों वकीलों को दो लाख रुपये देगी और घायल वकीलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
सीएफएसएल की टीम करेगी जांच
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बताया कि वकीलों ने लॉकअप तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने कैदियों की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए हवा में गोली चलाई, जो वकील को जा लगी। यह गोली वकील को कैसे लगी, इसकी जांच सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) की टीम करेगी। पुलिस ने लॉकअप के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है।
पुलिस के मुताबिक, दोपहर दो बजे तीसरी बटालियन के संतरी ने वकील से कार को कहीं और पार्क करने के लिए कहा था। विवाद के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंचे तो वकीलों ने इकट्ठा होकर उनसे भी बदसलूकी की। इसके बाद ही हवा में गोली चलाई गई।
बवाल के दौरान 12 निजी बाइक, पुलिस की एक क्यूआरटी जिप्सी और 8 जेल वैन को वकीलों ने क्षति पहुंचाई। कैदियों को ह्यूमन चेन बनाकर सुरक्षा दी गई। इसके बाद सभी कैदियों को तिहाड़ जेल पहुंचाया गया।