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NCB : दिल्ली, आंध्र सहित कई राज्यों ने NCB को सौंपे ड्रग्स के 25 बड़े केस, डीजी ने कहा- देश में ड्रग्स का नेटवर्क तोड़ना उद्देश्य
Thu, 17 Feb 2022 03:04 PM IST
रोमा रागिनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: रोमा रागिनी
Updated Thu, 17 Feb 2022 03:04 PM IST
सार
एनसीबी को ड्रग्स से जुड़े 25 केस सौंपे गए हैं। जिससे इन मामलों की विस्तृत जांच की जा सके।
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एनसीबी के महानिदेशक सत्य नारायण प्रधान
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
विभन्न राज्य सरकारों ने एनसीबी को ड्रग्स से जुड़े 25 केस सौंपे हैं। जिससे नशे के कारोबार की व्यापक जांच की जा सके और पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके। नारकोटिक्स एजेंसी ने इन मामलों में जांच की निगरानी के लिए अधिकारियों का एक समूह नियुक्त किया है। जो केस में अंतर्राज्यीय या अंतरराष्ट्रीय लिंक को उजागर करेंगे।
अधिकारियों को निर्देश आरोपी को गिरफ्तार करने, आरोप पत्र दाखिल करने और उनपर दोष सिद्ध करने का निर्देश दिया गया है। मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश और दिल्ली जैसे कई राज्यों ने कई बड़े ड्रग केस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंपे हैं। जबकि एनसीबी के पास पहले से ही ऐसे कई मामले जांच के लिए लंबित हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र और राज्य की एनीसबी के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया था। जिसके बाद पिछले साल नवंबर में एनसीबी के महानिदेशक (डीजी) सत्य नारायण प्रधान ने राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों को एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने राज्यों को ड्रग्स के अंतराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े मामले एनीसीबी को भेजने को कहा था। जिससे मामलों की जांच पूरी की जा सके।
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ड्रग्स नेटवर्क तोड़ने का उद्देश्य
डीजी प्रधान ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि राज्यों ने एनीसीबी को 25 केस सौंपे हैं। जिसपर जांच एजेंसी काम कर रही है। वहीं उन्होंने कहा कि कई राज्यों से केस सौंपने को लेकर बातचीत चल रही है। हमारा उद्देश्य पूरे देश भर में ड्रग्स की तस्करी का नेटवर्क तोड़ने का है।
आरोपी की संपत्ति जब्त करने के भी निर्देश
डीजी प्रधान के अनुसार ड्रग्स की तस्करी में शामिल लोग कानून के चंगुल से बच जाते हैं। ये राज्यों की पुलिस के साथ जांच एजेंसी के लिए गंभीर समस्या है। ऐसे में जांच एजेंसियों के मिलकर काम करने से हम ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ सकेंगे। इन मामलों की देखरेख करने वाले अधिकारियों को ड्रग तस्करों के फंड ट्रेल पर काम करने और यहां तक कि आरोपियों की संपत्ति को जब्त करने के लिए कहा गया है।
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अधिकारियों को निर्देश आरोपी को गिरफ्तार करने, आरोप पत्र दाखिल करने और उनपर दोष सिद्ध करने का निर्देश दिया गया है। मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश और दिल्ली जैसे कई राज्यों ने कई बड़े ड्रग केस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंपे हैं। जबकि एनसीबी के पास पहले से ही ऐसे कई मामले जांच के लिए लंबित हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र और राज्य की एनीसबी के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया था। जिसके बाद पिछले साल नवंबर में एनसीबी के महानिदेशक (डीजी) सत्य नारायण प्रधान ने राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों को एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने राज्यों को ड्रग्स के अंतराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े मामले एनीसीबी को भेजने को कहा था। जिससे मामलों की जांच पूरी की जा सके।
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ड्रग्स नेटवर्क तोड़ने का उद्देश्य
डीजी प्रधान ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि राज्यों ने एनीसीबी को 25 केस सौंपे हैं। जिसपर जांच एजेंसी काम कर रही है। वहीं उन्होंने कहा कि कई राज्यों से केस सौंपने को लेकर बातचीत चल रही है। हमारा उद्देश्य पूरे देश भर में ड्रग्स की तस्करी का नेटवर्क तोड़ने का है।
आरोपी की संपत्ति जब्त करने के भी निर्देश
डीजी प्रधान के अनुसार ड्रग्स की तस्करी में शामिल लोग कानून के चंगुल से बच जाते हैं। ये राज्यों की पुलिस के साथ जांच एजेंसी के लिए गंभीर समस्या है। ऐसे में जांच एजेंसियों के मिलकर काम करने से हम ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ सकेंगे। इन मामलों की देखरेख करने वाले अधिकारियों को ड्रग तस्करों के फंड ट्रेल पर काम करने और यहां तक कि आरोपियों की संपत्ति को जब्त करने के लिए कहा गया है।