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जेएनयूः हॉस्टल फीस वृद्धि वापसी न होने पर छात्रों ने सेमेस्टर परीक्षा का किया बायकॉट
Fri, 13 Dec 2019 08:25 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 13 Dec 2019 08:25 AM IST
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परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे जेएनयू छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में हॉस्टल फीस वृद्धि वापसी के मुद्दे पर छात्रों व विश्वविद्यालय प्रशासन की बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। जहां छात्र फीस वृद्धि वापसी के बगैर आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं थे तो वहीं विवि प्रशासन ने सेमेस्टर परीक्षा में कोई बदलाव करने से इंकार कर दिया। इसके बाद छात्रों ने सेमेस्टर परीक्षा का बहिष्कार कर दिया।
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दखल पर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच डेढ़ महीने के बाद पहली बार बातचीत का रास्ता खुला था। मंत्रालय पिछले दो हफ्ते से छात्रों को मनाने में जुटा था। इसी का नतीजा था कि छात्र कुलपति कार्यालय में बातचीत के लिए तैयार हुए।
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दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त आनंद मोहन हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस बल के साथ बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय पहुंचे ताकि छात्रों को वहां से हटाया जा सके। हाईकोर्ट ने कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार और रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार को सुरक्षा देने का निर्देश बुधवार को दिल्ली पुलिस को दिया था। इसी बीच दोपहर को रजिस्ट्रार की ओर से छात्रसंघ समेत छात्रावास अध्यक्षों को शाम चार बजे बैठक के लिए बुलाया गया।
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कुलपति और छात्रावास अध्यक्षों संग बैठक बेनतीजा
छात्रावास फीस बढ़ोतरी पर जारी आंदोलन और सेमेस्टर परीक्षा करवाने के मकसद से रजिस्ट्रार की ओर से बृहस्पतिवार को सभी छात्रावास अध्यक्षों को बैठक के लिए बुलाया गया। कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए आंदोलन समाप्त करने की मांग रखी। इसी बीच डीन ऑफ स्टूडेंट ने कहा कि वह अदालत के निर्देश के तहत छात्रसंघ को मान्यता देंगे। छात्रावास फीस बढ़ोतरी पूरी तरह वापस लेने की मांग को कुलपति ने खारिज कर दिया।
कक्षाओं के बाहर लगाए ताले
छात्रों ने स्कूल ऑफ लैंग्वेज, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल लैंग्वेज, कंप्यूटर साइंस सेंटर के गेट पर ताला लगाकर धरना दिया। छात्रों ने तख्ती पर आंदोलन मांग के बगैर पूरा नहीं होगा का स्लोगम भी लिख रखे थे। वहीं स्कूल ऑफ संस्कृत और फिजिकल साइसेंज में सेमेस्टर परीक्षा हुई है और छात्र सेमेस्टर परीक्षा देने पहुंचे। हालांकि स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेज में छात्रों की संख्या बेहद कम रही। जबकि अन्य स्कूल व सेंटर के बाहर आंदोलन व ताला लगा होने के चलते शिक्षक भी वापस लौट गए।
छात्रों से आगे बातचीत नहीं करेगा एचआरडी मंत्रालय
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ के पदाधिकारियों की दो दिनों की मैराथन बैठक के बावजूद समस्या का हल ना निकाल पाने के बाद मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने जेएनयू के छात्रों के साथ आगे कोई बातचीत नहीं करने का फैसला किया है। मंत्रालय का कहना है कि उसने अपनी ओर से अधिकतम पेशकश कर दी है, यदि छात्र इस पर भी सहमत नहीं हो सकते तो वह इसमें दखल नहीं देगा।
निर्वाचित छात्रसंघ को ना बुलाने पर नाराजगी
सभी उम्मीदवारों को बुलाया गया था लेकिन निर्वाचित पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों को बैठक से अलग रखा गया था। इस दौरान सभी उम्मीदवारों ने छात्रसंघ पदाधिकारियों को भी बुलाने की मांग की थी जिसे विवि प्रशासन ने नहीं माना।
-सतीश यादव,महासचिव, छात्रसंघ।
छात्र एकता की जीत
जीबीएम में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी पूरी तरह से रोलबैक का फैसला नहीं हुआ है। इसलिए 12 दिसंबर से शुरू सेमेस्टर परीक्षा का बहिष्कार कर दिया गया है। रोलबैक के बगैर आंदोलन समाप्त नहीं होगा। छात्रों के पास इतने पैसे नहीं है कि वह महीने के तीन सौ और छह सौ रुपये कमरे के किराये पर खर्च करें। कमरे के किराये के साथ जीएसटी भी जोड़ दिया जाता है। जेएनयू में साढ़े पांच हजार से अधिक छात्र बीपीएल परिवारों के है, वह पचास फीसदी फीस भी नहीं दे सकते हैं।
-आईषी घोष ,अध्यक्ष, छात्रसंघ।
सेमेस्टर परीक्षा शुरू, नहीं होगा कोई बदलाव
सेमेस्टर परीक्षा 12 दिसंबर से अकेडमिक कलेंडर के तहत शुरू होनी थी जो बृहस्पतिवार को शुरू हो गयी। इसलिए सभी स्कूल व सेंटर के डीन, चेयरपर्सन व विभागाध्यक्ष से मांग की जाती है कि तय नियमों के तहत परीक्षा करवाएं। सेमेस्टर परीक्षा में किसी प्रकार को कोई बदलाव नहीं किया गया है।
-रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार, जेएनयू।
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